
Loudspeaker या फिर ट्रैफिक की वजह से कितना होता है शोर? स्मार्टफोन से ऐसे कर सकते हैं चेक
AajTak
How to Measure Sound Level: आप अपने फोन की मदद से पता कर सकते हैं कि आपके आसपास कितना शोर हो रहा है. आइए जानते हैं इसका तरीका.
कई बार आपको कुछ विशेष रास्तों पर 'नो हॉर्न' का बोर्ड मिलता है. वैसे तो यह बोर्ड विशेष रास्तों या फिर इलाकों के लिए होता है. यहां शायद आपको सामान्य सड़कों या इलाकों के मुकाबले अलग-सा फील हो. इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि गाड़ियों और दूसरी तरह की चीजों को से होने वाला शोर होता है.
हॉर्न और दूसरे तरीकों से होने वाले शोर अक्सर हमें परेशान करते हैं. दुनियाभर में हर साल बहुत से लोग बहरेपन का शिकार हो रहे हैं. इसकी वजह आपके आसपास हो रहा शोर ही है, लेकिन इस तरह के शोर पर हमारा ध्यान बहुत कम जाता है.
मसलन अगर आप किसी बंपर टू बंपर ट्रैफिक वाले रास्ते में फंसे हों और लोग लगातार हॉर्न बजा रहे होते हैं. या फिर लगातार चल रहे एयरप्लेन, ट्रेन और गाड़ियों की वजह से हो रहा शोर, लोगों के बहरनेपन का कारण बन सकते हैं. वैसे इनसे बचने के लिए बहुत से ऑप्शन नहीं हैं.
क्या आप जानते हैं आसपास की सकड़ों और मोहल्लो में कितना शोर है? यह जानने में स्मार्टफोन आपकी मदद कर सकते हैं. इसके लिए आपको कुछ ऐप्स डाउनलोड करने होंगे और फिर उन्हें यूज करके आप जान पाएंगे कि आपके आसपास कितना शोर है. आइए जानते हैं इन ऐप्स की डिटेल्स.
इस ऐप को आप एंड्रॉयड और iOS दोनों ही प्लेटफॉर्म पर यूज कर सकते हैं. गूगल प्ले स्टोर पर यह 4 स्टार रेटिंग के साथ आता है. इस ऐप की मदद से आप अपने स्मार्टफोन को साउंड लेवल मीटर में बदल सकते हैं. इससे 30 से 120dB तक की रेंज मापी जा सकती है. इसमें आपको कई सारे फीचर्स और आसान यूजर इंटरफेस मिलता है. dB यानी डेसिबल साउंड (आवाज) को मापने की यूनिट होती है.
इस ऐप को भी आप iOS और Android प्लेटफॉर्म पर यूज कर सकते हैं. गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप को 4 से ज्यादा स्टार्स की रेटिंग मिली है. यह ऐप आपके स्मार्टफोन के माइक्रोफोन की मदद से साउंड लेवल को मेजर करता है और उन्हें SPL लेवल यानी साउंड प्रेशर लेवल में कन्वर्ट करता है. हालांकि, फोन में लगे माइक्रोफोन की क्षमता सीमित होती है, इसलिए एक सीमा तक ही आपको डेटा मिलेगा.

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












