
'LG गंदी राजनीति में व्यस्त, कानून व्यवस्था संभालें,' केजरीवाल ने लिखी उपराज्यपाल को चिट्ठी
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना की चिट्ठी का जवाब भेजा है. केजरीवाल ने लिखा- 'एलजी साहब, आपका काम दिल्ली की कानून व्यवस्था, दिल्ली पुलिस और डीडीए संभालना है. हमारा काम दिल्ली के अन्य सभी विषयों पर काम करना है. आप अपना काम कीजिए, हमें अपना काम करने दीजिए. आप अपने काम छोड़कर रोज हमारे काम में दखल देंगे तो व्यवस्था कैसे चलेगी?
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को LG की तरफ से भेजी गई चिट्ठी का जवाब दिया और कहा- दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है. LG इसे सुधारने के लिए कदम उठाने के बजाय गंदी राजनीति करने में व्यस्त है. अच्छा होगा कि सूर्य अपना काम करे और चंदा अपना काम करे, तभी अच्छे लगते हैं. सीएम को अपना काम करने दीजिए और आप दिल्ली की कानून व्यवस्था ठीक कीजिए. आपका काम कानून व्यवस्था, पुलिस और डीडीए संभालना है. हमारा काम दिल्ली के अन्य सभी विषयों पर काम करना है. आप अपने काम छोड़कर रोज हमारे काम में दखल देंगे तो व्यवस्था कैसे चलेगी?
केजरीवाल ने आगे कहा- दिल्ली में लगातार अपराध बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष पर अभी हमला हुआ. यदि महिला आयोग की अध्यक्ष ही सुरक्षित नहीं तो एक आम महिला की क्या बात करें? दिल्ली वालों ने आज तक आपको कानून व्यवस्था पर कोई काम करते नहीं देखा, बल्कि उनकी चुनी हुई सरकार के रोजमर्रा के कामों में हस्तक्षेप करते हुए ही देखा है, इससे लोगों में भारी रोष है.
'आप चाहते तो 5 मिनट बाहर आकर मिल सकते थे'
सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि आपने अपने पत्र में लिखा है कि हम बिना बताए आपसे मिलने आ गए थे, इसलिए आप नहीं मिले. सीएम, डिप्टी सीएम और सारी कैबिनेट और विधायक आपके द्वार पर खड़े थे तो जाहिर है कि राज्य से संबंधित बड़ी समस्या लेकर आए थे. आप चाहते तो पांच मिनट के लिए बाहर आकर ही हमसे मिल सकते थे, पर नहीं मिले. इससे पूरे प्रदेश में लोगों को बुरा लगा और अपमानित महसूस किया. दिल्ली के उपराज्यपाल ने 2 करोड़ लोगों के प्रतिनिधियों से मिलने से मना कर दिया.
'आपने खाने के लिए बुलाया, जब सुविधा हो बता दीजिए'
सीएम केजरीवाल ने कहा- अपने पत्र में आपने अब हम सभी मंत्रियों और विधायकों को बातचीत के लिए खाने पर आमंत्रित किया है, इसके लिए बेहद शुक्रिया. यदि आपको सहूलियत हो तो हम सब शनिवार (21 जनवरी) को 1 बजे आपके घर आ जाएंगे. यदि ये समय आपकी सुविधा में ना हो तो आप हमें अपनी सुविधानुसार समय बता दें, हम उसी समय आ जाएंगे. आपने अपने पत्र में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था की काफी आलोचना की है. दिल्ली की जनता ने हमें तीसरी बार ऐतिहासिक बहुमत दिया है. जनता की नजरों में हम अच्छा काम कर रहे हैं. फिर भी आपकी आलोचना सर माथे पर है.

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