
Kashi Vishwanath corridor: 286 साल बाद नए अवतार में काशी विश्वनाथ धाम, जानें 600 वर्षों की यात्रा
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Kashi Vishwanath corridor: कहा जाता है कि करीब सौ साल बाद औरंगजेब ने इस मंदिर को ध्वस्त करा दिया था और फिर आगे लगभग 125 साल तक यहां कोई विश्वनाथ मंदिर नहीं था. इसके बाद साल 1735 में इंदौर की महारानी देवी अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया.
प्रधानमंत्री नरेंद मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र में काशी विश्वनाथ धाम कॉरीडोर (Kashi Vishwanath Dham Corridor) का लोकार्पण करेंगे. ये प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है. लंबे समय इस परियोजना पर काम किया जा रहा था और करीब 32 महीने में बाबा के पूरे परिसर का कायाकल्प हो गया. अब बाबा विश्वनाथ मंदिर का विस्तार गंगा तट तक है. काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले गंगा स्नान या फिर आचमन की मान्यता है. अब श्रद्धालु गंगा स्नान कर गंगा जल लेकर सीधे बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे और सब कुछ मंदिर के प्रांगण में ही होगा. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

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