
Japan Earthquake: चलती बुलेट ट्रेन पटरी से उतरी, 20 लाख घरों में छाया अंधेरा... भूकंप से हिला जापान, सामने आईं तबाही की तस्वीरें
AajTak
Japan Earthquake: जापान में भूकंप आने के बाद सुरक्षा के लिहाज से कई कदम उठाए जा रहे हैं. जापान की ईस्ट निप्पॉन कंपनी के मुताबिक कई एक्सप्रेसवे को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है. इसमें ओसाकी का तोहोकू एक्सप्रेसवे, मियागी का प्रीफेक्चर और सोमा, फुकुशिमा का जोबन एक्सप्रेसवे शामिल है.
Japan Earthquake: जापान की राजधानी टोक्यो के नजदीक बुधवार रात आए भूकंप ने काफी तबाही मचाई है. भूकंप के चलते 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 88 घायल हो गए हैं. भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां एक बुलेट ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई. जापान के मौसम विभाग ने सुनामी की चेतावनी जारी की है. इस बार आया भूकंप सामान्य से कहीं ज्यादा है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.3 मापी गई थी. रात 8.06 बजे (जापान में 11.30) आए भूकंप का केंद्र टोक्यो से 297 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया गया.
जापान के मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र से 60 किलोमीटर गहराई में था. जापान के मियागी और फुकुशिमा प्रान्त में भूकंप के झटके सबसे ज्यादा महसूस किए गए. दोनों प्रांतों में लोगों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है. फुकुशिमा में ही भूकंप के चलते 2 लोगों की मौत हुई है.
जापान की बुलेट ट्रेन ऑपरेटर कंपनी के मुताबिक तोहोकू में बुलेट ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई. ट्रेन में उस वक्त 100 यात्री सवार थे. हालांकि उनमें से कोई भी घायल नहीं हुआ. जापान की ईस्ट निप्पॉन कंपनी के मुताबिक कई एक्सप्रेसवे को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है. इसमें ओसाकी का तोहोकू एक्सप्रेसवे, मियागी का प्रीफेक्चर और सोमा, फुकुशिमा का जोबन एक्सप्रेसवे शामिल है.
भूकंप के झटकों के बाद जापान की राजधानी टोक्यो में 20 लाख घरों में अंधेरा छा गया. टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के हवाले से एएफपी ने बताया कि जापान में भूकंप के बाद टोक्यों अंधेरे में डूब गया. भूकंप के इन झटकों के जापान के लोगों को 2011 का दौर याद दिला दिया. 11 मार्च साल 2011 का दिन जापान के लिए अभूतपूर्व दुर्घटना वाला दिन रहा था. इस दिन 9 की मात्रा का भूकंप उत्तरपूर्वी जापान के तट पर आया, जिससे निकली सुनामी (Tsunami) ने हजारों लोगों की जान ले ली थी. इस हादसे आज भी जापान उबर नहीं पाया है. इन भूकंप के झटकों में 18 हजार लोगों की मौत हुई थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का फाइनल रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है. इस वर्ष लगभग 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की है ताकि नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो सके.











