
Israel Hamas War: इजरायल-हमास जंग के बीच दांव पर 120 नवजातों की जिंदगी
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हमास और इजरायल के बीच छिड़ी जंग का सबसे बड़ा खामियाजा महिलाओं और बच्चों को उठाना पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस जंग के कारण 120 नवजातों की जिंदगी दांव पर लग गई है. ये ऐसे बच्चे हैं, जो समय से पहले ही पैदा हो गए हैं और इन्क्यूबेटर में हैं.
इजरायल-हमास जंग का आज 18वां दिन है. लेकिन, दोनों के बीच युद्ध थमता नहीं दिख रहा है. इस दौरान संयुक्त राष्ट्र ने 120 नवजातों की जिंदगी खतरे में होने का अलर्ट जारी किया है. यूएन ने कहा है कि इस वक्त गाजा के अस्पतालों में 120 नवजातों को इन्क्यूबेटर्स में रखा गया है. जंग के बीच इन बच्चों की जिंदगी खतरे में है. इनमें से ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने समय से पहले ही जन्म ले लिया है.
बच्चों के लिए काम करने वाली यूएन की एजेंसी के मुताबिक इस जंग में अब तक 1,750 बच्चों की मौत हो चुकी है. इनक्यूबेटर्स में रखे इन बच्चों के अलावा हजारों ऐसे लोग भी हैं, जो अस्पतालों में ईंधन और दवा जैसी मूलभूत चीजें ना होने के कारण परेशानी का सामना कर रहे हैं.
खतरे में पड़ सकती है एक हजार जिंदगी
यूनिसेफ के प्रवक्ता जोनाथन क्रिक्स के मुताबिक इन 120 नवजात बच्चों में से 70 मैकेनिकल वेंटिलेशन पर हैं. इन बच्चों को लेकर संस्था सबसे ज्यादा चिंतित है. दरअसल, गाजा के अस्पतालों के 7 स्पेशलिस्ट वार्डों के लिए बिजली की कमी चिंता का मुख्य कारण है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक अस्पतालों में जनरेटर के लिए ईंधन पहले ही खत्म हो चुका है. अगर जनरेटर बंद हो गए तो डायलिसिस की जरूरत वाले करीब 1,000 मरीजों की जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है.
जनरेटर चालू रखने लायक ईंधन की सप्लाई जारी
इजिप्ट के रास्ते राहत सामग्री के साथ ट्रकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. लेकिन अब तक किसी भी ट्रक में ईंधन सामग्री नहीं भेजी गई है. दरअसल, इजरायल को डर है कि ईंधन की आपूर्ति होने पर हमास को मदद मिल सकती है. हालांकि, गाजा में अभी भी सीमित आपूर्ति में ईंधन भेजा जा रहा है, ताकि अस्पतालों के बेहद जरूरी उपकरणों के लिए जनरेटर चालू रखा जा सके.

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