
Invest Risk Free: इस स्कीम में Save करें 1.5 करोड़ तक, रिटायरमेंट पर काम आएगा ये पैसा
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Risk Free Investment Option: जॉब की शुरुआत से ही रिटायरमेंट की प्लानिंग (Retirement Planning) शुरू कर देनी चाहिए. ये लगभग हर फाइनेंशियल प्लानर की राय होती है. इसकी वजह साफ है कि रिटायरमेंट के बाद आपकी मंथली इनकम रूक जाती है.
जॉब की शुरुआत से ही रिटायरमेंट की प्लानिंग (Retirement Planning) शुरू कर देनी चाहिए. ये लगभग हर फाइनेंशियल प्लानर की राय होती है. इसकी वजह साफ है कि रिटायरमेंट के बाद आपकी मंथली इनकम रूक जाती है. ऐसे में अगर पैसे-रुपये की कमी होने पर आप दूसरे पर निर्भर हो जाते हैं. इससे आपकी फाइनेंशियल फ्रीडम खत्म हो जाती है. कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है. इसलिए ये अहम है कि आप नौकरी करते-करते ही रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू कर दें. आइए उन रास्तों की चर्चा करते हैं जिसके जरिए आप एक हेल्दी रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकते हैंः

Gupt Navratri 2026: माघ गुप्त नवरात्र की आज से शुरुआत हो चुकी है, जो 28 जनवरी तक चलेंगे. गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के गुप्त तरीके से उपासना की जाती है. इस नवरात्र में मां दुर्गा की 10 महाविद्याओं जैसे मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी माता, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूम्रवती माता, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है.

चीन में पढ़ाई कर रहे ली नाम के एक छात्र ने अपने खाली समय का सही इस्तेमाल करते हुए वयस्कों और बच्चों को साइकिल चलाना सिखाना शुरू किया. लोगों की जरूरत को समझकर उसने ट्रेनिंग पैकेज बनाया और सोशल मीडिया के जरिए प्रचार किया. सिर्फ दो साल में उसने करीब 700 लोगों को साइकिल चलाना सिखाया और 35 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली.

Aaj 19 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 19 जनवरी 2026, दिन- सोमवार , माघ मास, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा तिथि , उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सुबह 11.52 बजे तक फिर श्रवण नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में, सूर्य- मकर में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.11 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 08.34 बजे से सुबह 09.53 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

ईरान वर्तमान में एक इस्लामिक रिपब्लिक है. वहां इस्लाम धर्म के कायदे-कानून के मुताबिक देश चलता है. इसके तहत समाज में कई तरह के परहेज भी हैं और इनके अनुपालन को लेकर वहां मॉरल पुलिसिंग की भी तगड़ी व्यवस्था है. इन दिनों वहां क्या हो रहा है किसी से कुछ छिपा नहीं है. लोग ऐसी शासन व्यवस्था के विरोध में सड़कों पर हैं. ऐसा ही कुछ हाल अफगानिस्तान के तालिबान शासन में भी है. लेकिन, इन दोनों देशों में 60 और 70 के दशक में ऐसे हालात नहीं थे.









