
India-US ट्रेड डील! बड़ी बाइक्स पर '0' टैक्स, इतनी सस्ती होंगी Harley की मोटरसाइकिल
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India-US Trade Deal: अमेरिका लंबे समय से जिस मुद्दे को उठाता रहा, उस पर अब भारत ने हामी भर दी है. बड़ी और महंगी मोटरसाइकिलों पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाने का फैसला हो गया है. अब बड़ी बाइक्स पर '0' टैक्स लगेगा, जिससे Harley Davidson जैसी बाइक्स भारत में कम कीमत में आएंगी.
Indian US Deal & Harley Davidson Bike: दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच बात बनी है. लंबी बातचीत के बाद भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम ट्रेड समझौता फाइनल कर लिया है. इसका मतलब साफ है, जो लोग एक्सपोर्ट करते हैं, खासकर ऑटो सेक्टर में, उनके लिए माहौल अब थोड़ा आसान होने वाला है. बीते कुछ समय से भारी इंपोर्ट ड्यूटी का जो बोझ था, उसमें अब राहत मिलेगी. साथ ही विदेश से आने वाली कुछ गाड़ियों और मोटरसाइकिलों पर टैक्स भी कम होगा. यानी असर सीधा सड़क और शोरूम तक दिखेगा.
अमेरिका लंबे समय से जिस मुद्दे को उठाता रहा, उस पर अब भारत ने हामी भर दी है. बड़ी और महंगी मोटरसाइकिलों पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाने का फैसला हो गया है. यह वही मांग थी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार बार मंच से दोहराते रहे थे. लेकिन इस फैसले का एक दिलचस्प पहलू है. इसका हार्ले डेविडसन और हीरो मोटोकॉर्प की साझेदारी पर कोई खास असर पड़ने वाला नहीं है. वजह साफ है, हीरो के साथ बनने वाली हार्ले बाइक्स इस दायरे में आती ही नहीं हैं. लेकिन इसका फायदा बड़ी बाइक्स पर जरूर पड़ेगा.
जानकारी के अनुसार 800 सीसी से 1600 सीसी इंजन वाली बड़ी मोटरसाइकिलों पर अब कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी. जी हां, जीरो ड्यूटी (0 Duty) और वह भी तुरंत. इसका सीधा फायदा हार्ले डेविडसन और इंडियन मोटरसाइकिल जैसी प्रीमियम बाइक्स ब्रांड को मिलेगा. जो लोग लंबे समय से ऐसी बाइक्स खरीदने का सपना देख रहे थे, उनके लिए कीमतें अब थोड़ी बजट में आ सकती हैं.
अभी तक इन बाइक्स पर कुल 44 फीसदी टैक्स लगता था, जिसमें 40 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 4 फीसदी सोशल वेलफेयर सरचार्ज शामिल था. अब यह पूरी तरह खत्म हो जाएगा. यानी हार्ले के शौकीन अब कीमतों में भारी कटौती की उम्मीद कर सकते हैं. हालांकि, फाइनल प्राइसिंग कंपनी द्वारी जल्द ही जारी किए जाने की उम्मीद है.
यह पहला मौका नहीं है जब प्रीमियम बाइक्स पर टैक्स में कटौती की गई हो. फरवरी 2025 में भारत सरकार ने इंजन क्षमता और बाइक के पूरी तरह इंपोर्टेड या लोकली असेंबल्ड होने के आधार पर 5 से 20 फीसदी तक कस्टम ड्यूटी घटाई थी. अब नई डील के बाद बड़ी बाइक्स के लिए रास्ता और आसान हो गया है.
भारत का सालाना करीब दो करोड़ यूनिट का टू व्हीलर बाजार है. लेकिन यहां पर ज्यादातर 110 से 250 सीसी की कम्यूटर बाइक्स का ही बोलबाला है. जिसमें हीरो स्प्लेंडर देश की सबसे ज्यादा बेची जाने वाली बाइक है. वहीं हार्ले, डुकाटी, ट्रायम्फ और कावासाकी जैसी प्रीमियम ब्रांड्स की डिमांड बहुत सीमित ही रही है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, इस फाइनेंशियल ईयर के पहले 9 महीनों में हार्ले डेविडसन ने 800 से 1600 सीसी वाली सिर्फ 187 पूरी तरह इंपोर्टेड बाइक्स बेचीं, जिनकी कीमत 14.54 लाख से लेकर 45.75 लाख रुपये तक रही.













