
India Today Education Conclave: 'टीचर खतरे में है, अगर ये नहीं किया तो...' प्रोफेसर दिनेश सिंह ने ऐसा क्यों कहा?
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India Today Conclave 2026: इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में शिक्षा जगत की हस्तियां बदलते एजुकेशन ट्रेंड और अवसरों को लेकर बात कर रहे हैं.
India Today Education Conclave 2026: इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में शिक्षा जगत की कई हस्तियां बदलते एजुकेशन ट्रेंड और भविष्य को लेकर बात कर रहे हैं. एजुकेशन कॉन्क्लेव में देश की टॉप यूनिवर्सिटी और स्कूल के प्रोफेसर, चेयरमैन, प्रिंसिपल जुड़ रहे हैं, जो AI से लेकर एजुकेशन सेक्टर में हो रहे बदलावों पर बात कर रहे हैं. आइए जानते हैं भारत की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है...
India Today Education Conclave LIVE Updates 2026:
कॉन्क्लेव की शुरुआत पहले सेशन एन इकोसिस्टम फॉर एनेबल्ड एंड एम्पावर्ड एजुकेटर्स (An Ecosystem for Enabled and Empowered Educators) के साथ हुई. इस दौरान के आर मंगलम यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर दिनेश सिंह ने एजुकेशन सेक्टर में बदलाव को लेकर कहा कि अब हमें करिकुलम बदलने की जरुरत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब कोर्स में सुधार करना चाहिए, अभी बच्चों को काफी ज्यादा पढ़ाया जा रहा है और उन्हें हद से ज्यादा नहीं पढ़ाया जाना चाहिए. उन्हें एक के बाद एक कोर्स ऑफर किया जा रहा है. वे ऐसे कोर्स करते रहते हैं, जिनका कोई मतलब ही नहीं है. अब जो वक्त है, उसके हिसाब से कम पढ़ाना होगा और ये टीचर समझ नहीं रहा है.
साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट बेस्ड एजुकेशन पर फोकस किया और उन्होंने बताया कि नई एजुकेशन पॉलिसी के कुछ सिद्धांतों के आधार पर बड़ा बदलाव किया जा सकता है. अब ब्लैक बोर्ड बेस्ड एजुकेशन की जगह प्रोजेक्ट बेस्ड एजुकेशन को लाना चाहिए और टीचर को एक मेंटोर की तरह काम करना चाहिए. उन्होंने बताया कि जब प्रोजेक्ट बेस्ड पढ़ाई करते हैं तो नॉलेज खुद से आती है और नई एजुकेशन पॉलिसी को अच्छे से अपना लिया जाए तो देश नॉलेज इकोनॉमी बन जाएगा.
उन्होंने कोराना के वक्त स्टेनफोर्ट यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए काम का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि उस दौर में स्टेनफोर्ट यूनिवर्सिटी ने काफी इकोनॉमी जनरेट की थी, लेकिन भारत की यूनिवर्सिटीज ने कुछ नहीं किया. साथ ही उन्होंने वर्क टाइम को लेकर कहा कि जब आपका दिल लगेगा तो काम ही करेंगे. आप जबरदस्ती किसी को रोककर क्या ही करवा लेंगे. उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट बेस्ड एजुकेशन के जरिए कई तरह के स्किल बढ़ रहे हैं.
उन्होंने टीचर्स को लेकर कहा कि टीचर खतरे में है. उन्होंने टीचर्स के लिए कहा, 'मन के विचार को बदलना जरूरी है. आने वाले दिनों में टेक्नोलॉजी अहम होगी. न्यूक्लियर फ्यूजन, डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस, कॉन्टम कम्यूटिंग जैसी चीजों पर काम करना होगा. टीचर्स को इन सबमें ध्यान लगाना होगा, वरना भारत के लिए मुश्किल होगा.'













