
'Hello! मैं सुप्रीम कोर्ट का जज बोल रहा हूं', डीएम और जीडीए अफसरों को आई फर्जी कॉल, फिर...
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उत्तराखंड एसटीएफ ने डीएम और जीडीए अधिकारियों को फर्जी कॉल और मैसेज करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और तीन की तलाश जारी है. ये लोग खुद को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का जज बताकर अधिकारियों पर होटल का नक्शा पास कराने का दबाव बना रहे थे.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का जज बनकर जिला अधिकारी (DM) से लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के कई अफसरों को कॉल की और मैसेज भेजे. आरोप है कि जालसाजों ने ऐसा इसलिए किया ताकि होटल का नक्शा पास करवाया जा सके.
उत्तराखंड एसटीएफ ने इस मामले में जब एक आरोपी को गिरफ्तार किया तो पता चला कि ये कॉल-मैसेज किसी जज ने नहीं किए. बल्कि एक गैंग में शामिल कुछ जालसाजों ने किए हैं. पुलिस ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है उसकी पहचान नोएडा के रहने वाले मनोज के रूप में हुई.
दरअसल, यह फर्जीवाड़ा राजनगर एक्सटेंशन में एक बड़े होटल का नक्शा पास कराने के लिए किया जा रहा था. GDA की तरफ से नक्शा बार-बार रिजेक्ट किया जा रहा था, जिसके बाद नगर नियोजक राजीव रतन के पास कई अलग-अलग नंबरों से WhatsApp कॉल और चैटिंग की गई. कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बताया और होटल का नक्शा पास करने के लिए कहा.
इतना ही नहीं, एक नंबर से सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर जिला अधिकारी (DM) पर भी दबाव डाला गया. डीएम के पास भी कॉल और WhatsApp चैट कर होटल का नक्शा पास करने को कहा जा रहा था.
पुलिस में इस बारे में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई. उत्तराखंड स्पेशल टास्ट फोर्स ने उन नंबरों की जांच की जिनसे WhatsApp कल और मैसेज भेजे जा रहे थे. इसी क्रम में पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार किया. पूछताछ में मनोज ने सारे राज उगल दिए, जिसके बाद पता चला कि कौन-कौन इस कांड में शामिल है.
आरोपी ने बताया कि आर्किटेक्ट गौरव सिंगला, सनी कुमार के साथ सपना नामक महिला इस पूरे कांड में शामिल थी. फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. तीनों आरोपियों की तलाश जारी है. इस मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर नरेश कुमार कर रहे हैं.

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