
Hanuman Chalisa Row: नवनीत राणा को बायकुला जेल से अस्पताल शिफ्ट किया गया, वकील का दावा
AajTak
महाराष्ट्र की निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. खबर है कि आज उन्हें बायकुला जेल से जेजे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है.
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को अस्पताल ले जाया गया है. उनके ऑफिस से जारी की गई जानकारी के मुताबिक आज उन्हें बायकुला जेल से जेजे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है. हालांकि, फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है.
इससे पहले सोमवार को उनके वकील ने जेल के अधिकारियों को पत्र लिखकर पूछा था कि राणा को सीटी स्कैन की सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है. वहीं, नवनीत राणा के वकील ने 29 अप्रैल को भी जेल अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा था कि नवनीत को स्पोंडिलोसिस के लिए सीटी स्कैन की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्हें सीटी स्कैन के लिए अस्पताल नहीं ले जाया जा रहा.
नवनीत राणा के वकील रिजवान मर्चेंट ने दावा किया था कि उनकी मुवक्किल को जेल में उचित इलाज नहीं मिल रहा है. रिजवान मर्चेंट ने बाइकुला जेल के सुपरिटेंडेंट को पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने दावा किया था कि नवनीत राणा स्पोंडिलोसिस (Spondylosis) से जूझ रही हैं, उन्हें सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.
उन्होंने आगे लिखा, लंबे वक्त तक नवनीत राणा को फर्श पर बैठने और सोने के लिए मजबूर किया गया. ऐसे में स्पोंडिलोसिस की वजह से उनका दर्द बढ़ गया है. सीटी स्कैन के बिना आगे का इलाज नहीं किया जा सकता है. इतना ही नहीं इस लेटर में ADG महाराष्ट्र जेल और लोकसभा स्पीकर को भी मार्क किया गया था.
वकील रिजवान मर्चेंट ने लिखा था कि जे जे हॉस्पिटल ने लिखित में दिया था कि स्पोंडिलोसिस की जांच के लिए सीटी स्कैन कराना जरूरी है. वकील ने कहा, जेल प्रशासन द्वारा ऐसा नहीं कराया गया. रिजवान मर्चेंट ने कहा था कि अगर उनकी मुवक्किल नवनीत राणा को कुछ होता है, तो उनके स्वास्थ्य के लिए आप (प्रशासन) जिम्मेदार होगा. रिजवान ने कहा था कि हमारे क्लाइंट का सीटी स्कैन कराने के लिए आपके दफ्तर से कई बार अपील की गई. लेकिन दुर्भावना की वजह से अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा, इस शिकायत की कॉपी एडीजी पुलिस और लोकसभा स्पीकर को भेजी गई थी.
जेल में हैं राणा दंपति

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








