
GST रिफॉर्म से सरकार को ₹40,000 Cr का घाटा... पर जनता को होंगे ये फायदे, दशहरा तक लागू होंगी नई दरें!
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जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर को नई दिल्ली में होगी. इससे पहले 2 सितंबर को जीएसटी सेक्रेटेरिएट के अधिकारियों की बैठक होगी. एक जीएसटी अधिकारी ने आजतक से बातचीत में कहा कि अगर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो गईं, तो दशहरा के आसपास इसे लागू किया जा सकता है.
केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (GST) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है, जिससे करीब 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जीएसटी की नई संरचना से केंद्र और राज्य सरकारों की आय पर असर पड़ेगा. जीएसटी सचिवालय के अधिकारियों की फिटमेंट कमेटी ने इस नुकसान का मसौदा तैयार किया है.
नई जीएसटी व्यवस्था में कर प्रणाली को सरल करने के लिए दो दरें, 5% और 18%, लागू करने का प्रस्ताव है. साथ ही, सिगरेट और तंबाकू जैसे 'सिन गुड्स' पर 40% जीएसटी लगेगा. इसके अलावा, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जीएसटी और टीडीएस कलेक्शन में केंद्र को लगभग 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, क्योंकि हाल ही में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है और इस संबंध में कानून भी बन चुका है.
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST छूट?
अधिकांश सेवाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन आम लोगों को राहत देने के लिए हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी हटाने का प्रस्ताव है. सरकार को उम्मीद है कि मौजूदा जीएसटी प्रणाली में बदलाव से राजस्व का यह नुकसान अस्थायी होगा और उपभोक्ता खर्च बढ़ने से इसकी भरपाई हो जाएगी. इस साल की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले वेतनभोगी लोगों के लिए आयकर में छूट का प्रावधान भी किया था ताकि खपत को बढ़ावा मिले.
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दशहरा के आसपास लागू हो सकते हैं नए GST रेट













