
ईरान जंग ने निकाला चीन का 'तेल', 13 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
AajTak
चीन अपने कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिये पूरा करता है. इसमें से लगभग 45 प्रतिशत आयात होर्मुज स्ट्रेट से होता है. होर्मुज से सप्लाई ठप होने की वजह से पिछले 15 दिन से भी कम समय में चीन में दो बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ चुकी हैं.
ईरान जंग की मार चीन तक पहुंच गई है. चीन में मार्च में दूसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाये गये हैं. चीन ने ईंधन संकट की तैयारियों के तहत खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं. ऐसा इस आशंका के बीच किया गया है कि अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध लंबा खिंच सकता है, जिससे गैसोलीन और डीजल की कमी हो सकती है.
चीन की टॉप प्लानिंग संस्था राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (NDRC) ने अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच मंगलवार से शुरू होने वाले अस्थायी उपायों की घोषणा की है.
NDRC ने कहा कि ये उपाय अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि के असर को कम करने, उपयोगकर्ताओं पर बोझ घटाने, इकोनॉमी को स्थिर करने के लिए और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं.
चीन ने सोमवार को पेट्रोल यानी कि गैसोलीन की कीमतों में 1160 युआन यानी कि 168 अमेरिकी डॉलर प्रति टन का इजाफा किया है. जबकि डीजल की कीमतों में 1115 युआन यानी कि 159 अमेरिकी डॉलर प्रति टन का इजाफा किया गया है. इससे पहले 9 मार्च को भी चीन में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी थीं.
1 टन यानी कि 1000 किलोग्राम डीजल में आमतौर पर लगभग 1136 से 1220 लीटर के बीच डीजल होता है.
जबकि 1 टन पेट्रोल में 1300 से 1400 लीटर पेट्रोल होता है.













