
Gold-Silver Stock Market Crash: ईरान जंग की आग में झुलसे निवेशक, शेयर बाजार पस्त... सोना-चांदी क्रैश, रुपया धड़ाम
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Gold-Silver To Stock Market Crash: सप्ताह के पहला दिन शेयर बाजार से लेकर सोना-चांदी में निवेश करने वालों तक के लिए बेहद खराब साबित हुआ है. ईरान युद्ध की आग में हर सेक्टर के निवेशक झुलस रहे हैं. चांदी गिरते हुए अब हाई से 2 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है.
ईरान युद्ध की आग (Iran War Impact) से अब दुनिया झुलस रही है. तेल-गैस संकट ने ग्लोबल टेंशन हाई कर दी है, तो विदेशों से लेकर भारतीय बाजार तक में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को देश में सोना-चांदी की कीमतों से लेकर रुपये और शेयर मार्केट तक में कोहराम मचा नजर आया. चांदी क्रैश होकर (Silver Price Crash) 15000 रुपये की ताजा गिरावट के बाद अब हाई से 2 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. तो वहीं सोने का भाव एक झटके में 8000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा घट गया है.
सिर्फ यही नहीं बीते कुछ दिनों से लगातार टूट रही इंडियन करेंसी रुपया (Indian Rupee Fall) सोमवार को भी खुलने के साथ ही डॉलर के मुकाबले गिरकर 93.89 के लो-लेवल पर आ गई. इसके अलावा शेयर बाजार में भी भगदड़ देखने को मिली है और ये भी ओपनिंग के साथ ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया.
चांदी 22000 सस्ती, सोना भी क्रैश सोना-चांदी की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं खुलते ही धड़ाम नजर आईं. 5 मई की एक्सपयारी वाली चांदी का भाव पिछले बंद 2,26,772 रुपये प्रति किलो से फिसलकर अचानक 2,04,633 रुपये पर आ गया और ये 22,139 रुपये सस्ती हो गई. वहीं 29 जनवरी के अपने हाई लेवल 4,20,048 रुपये की तुलना में अब Silver Price Crash होकर 2,15,415 रुपये प्रति किलो तक कम हो चुका है.
सोने का भाव भी लगातार फिसलता जा रहा है. 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला MCX 24 Karat Gold Rate बीते शुक्रवार को 1,44,492 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,34,416 रुपये पर आ गया. इस तरह एक झटके में 10 Gram 24 Karat Gold 10,076 रुपये सस्ता हो गया. हाई से सोना अब 58,680 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता है.
रुपया लगातार बढ़ा रहा चिंता किसी भी देश की इकोनॉमी के लिए उसकी करेंसी में बड़ी और लगातार गिरावट अच्छी नहीं मानी जाती है, लेकिन फिलहाल बीते कुछ दिनों से भारतीय रुपया के साथ यही हो रहा है. ये हर बीतते कारोबारी दिन के साथ डॉलर के मुकाबले और कमजोर होती जा रही है. सोमवार को करेंसी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही ये नए लो-लेवल पर पहुंच गई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, लगातार एफपीआई की बिकवाली और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के चलते, रुपया टूट रहा है.













