
Exclusive: फिल्म 'JNU' से डेब्यू कर रहीं 20 साल की प्रिया बक्शी, कंट्रोवर्सी से लगा डर?
AajTak
फिल्म 'जेएनयू: जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी', 21 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म से 20 साल की न्यूकमर एक्ट्रेस प्रिया बक्शी ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है. अपने फिल्मी डेब्यू को लेकर प्रिया बक्शी ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की.
फिल्म 'जेएनयू: जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी', 21 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म से 20 साल की न्यूकमर एक्ट्रेस प्रिया बक्शी ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है. प्रिया फिल्म में पराजिता डी राजा का किरदार निभा रही हैं, जो एक सीपीआई लीडर की बेटी हैं. पराजिता, जेएनयू की ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन उर्फ AISF की प्रेसीडेंट भी हैं. फिल्म की कहानी साल 2016 में दिल्ली की 'जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी' में हुए रियल लाइफ इवेंट्स पर आधारित है. अपने फिल्मी डेब्यू को लेकर प्रिया बक्शी ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की.
आपको फिल्म 'जेएनयू' कैसे मिली?
प्रिया बक्शी ने बताया कि उन्होंने फिल्म का हिस्सा बनने के लिए ऑडिशन दिया था, जिसके बाद वो सिलेक्ट हो गईं. ऑडिशन के बारे में एक्ट्रेस को इंस्टाग्राम के जरिए पता चला था. ऑडिशन के कास्टिंग पोस्ट इंस्टाग्राम पर आते हैं. प्रिया उन्हें फॉलो करती थीं. जेएनयू की कास्टिंग के बारे में जब उन्हें पता चला तो उन्होंने इसमें अपना नाम दिया. कॉल आने पर एक्ट्रेस ने ऑडिशन दिया, जिसके बाद उन्हें पराजिता राजा का रोल मिला. पराजिता का रोल जेएनयू की असली स्टूडेंट पर आधारित है.
अपने किरदार की तैयारी कैसे की?
मैंने इस किरदार को एक आर्टिस्ट के रूप में किया है. जेएनयू में उस टाइम पर जो भी चीजें हुई थीं, वो आपको फिल्म में देखने को मिलेगा. मैंने जेएनयू की असली स्टूडेंट से मुलाकात की. मैंने गूगल पर इसे लेकर रिसर्च की. जाना-समझा कि उन दिनों में क्या हो रहा था. यूनिवर्सिटी की सिचुएशन कब क्या थी. इन चीजों के बारे में कभी कोई बात करता नहीं है. फिल्म करने के बाद मुझे उन चीजों के बारे में पता लगा, जिसके बारे में उन्हें पहले नहीं पता था.
विवादित फिल्म में काम करने का फैसला क्यों किया?

संभल जिले में रिलीज हो रही फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर यादव समाज के लोगों ने आपत्ति जताई है. उन्होंने फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उनका मानना है कि फिल्म में यादव समाज की लड़की और दूसरे समुदाय के लड़के की कहानी गलत तरीके से दिखाई गई है, जो समाज की संस्कृति और आस्था के लिए अपमानजनक है. विरोध जताने वालों ने साफ कह दिया है कि यह फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चलेगी और विरोध अभियान पूरे प्रदेश में जारी रहेगा.












