
'द केरल स्टोरी झूठा प्रोपगेंडा फैला रही...', बोले CM पिनाराई विजयन, कंटेंट पर जताई नाराजगी
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विपुल अमृतलाल शाह की 'द केरल स्टोरी 2' को लेकर विवाद शुरू हो चुका है. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फिल्म को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने इस फिल्म को गलत प्रोपगेंडा फैलाने और सेकुलरिज्म के लिए खतरा बताया है.
साल 2022 में आई 'द केरल स्टोरी' ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया था. जिस तरह उस फिल्म में केरल की महिलाओं के मुस्लिम धर्म में बदलने की कहानी दिखाई गई, वो काफी हैरानी वाली बात थी. इस फिल्म के लिए इसके डायरेक्टर सुदीप्तो सेन को नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. अब वो डायरेक्टर इसका अगला पार्ट 'द केरल स्टोरी 2' भी लेकर आ रहे हैं, जिसपर अभी से विवाद शुरू हो गया है.
'द केरल स्टोरी 2' से नाराज केरल सीएम
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक स्टेंटमेंट जारी किया, जिसमें उन्होंने लिखा है कि फिल्म 'द केरल स्टोरी' का दूसरा पार्ट जल्द आने वाला है, इससे उन्हें बहुत चिंता हो रही है. उनका कहना है कि पहली फिल्म को जानबूझकर बनाया गया था ताकि केरल के खिलाफ नफरत फैलाई जाए और राज्य के सभी धर्मों का सम्मान वाली संस्कृति को कमजोर किया जाए.
अपने बयान में उन्होंने पूछा कि समाज में विभाजन और नफरत फैलाने वाली ऐसी जहरीली फिल्मों को सिनेमाघरों में दिखाने की इजाजत कैसे मिल जाती है, जबकि 'बीफ' नाम की एक मूवी को फिल्म फेस्टिवल में रोक दिया गया था. उन्होंने कहा कि संघ परिवार ने इस फिल्म की झूठी कहानी को आगे बढ़ाया और फैलाया. वो झूठ फैला रहे हैं कि आपसी सहमति से हुई शादियां भी जबरन धर्म बदलवाने और सांप्रदायिकता का उदाहरण हैं.
झूठा प्रोपगेंडा फैलाने का लगाया आरोप
केरल के सीएम ने ये भी कहा कि केरल में कभी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए, यहां सभी समुदाय एक-दूसरे का सम्मान करते हैं. ऐसे में ये लोग केरल को देखकर जलते हैं और राज्य के दुश्मन बनकर शांति भंग की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा, 'हमें मिलकर इन कोशिशों को ठुकराना चाहिए जो केरल को आतंकवाद का केंद्र दिखाने की कोशिश करती हैं. केरल एक ऐसा राज्य है जहां धर्मों में सद्भाव है, स्थिर विकास हो रहा है, कानून-व्यवस्था बहुत अच्छी है.'

संभल जिले में रिलीज हो रही फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर यादव समाज के लोगों ने आपत्ति जताई है. उन्होंने फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उनका मानना है कि फिल्म में यादव समाज की लड़की और दूसरे समुदाय के लड़के की कहानी गलत तरीके से दिखाई गई है, जो समाज की संस्कृति और आस्था के लिए अपमानजनक है. विरोध जताने वालों ने साफ कह दिया है कि यह फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चलेगी और विरोध अभियान पूरे प्रदेश में जारी रहेगा.












