
ED की बड़ी कार्रवाई, पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की 48.22 करोड़ की संपत्ति कुर्क की
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प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की जो संपत्ति कुर्क की हैं, उसमें 40.33 करोड़ रुपये की 40 अचल संपत्ति और 7.89 करोड़ रुपये की शेष राशि वाले 35 बैंक खाते शामिल हैं. कुर्क की गई संपत्तियों में फ्लैट, एक फार्म हाउस, कोलकाता शहर में प्राइम लोकेशन की जमीन और बैंक बैलेंस शामिल हैं.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. जांच टीम ने ममता सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी की 48.22 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है. इसके साथ ही ईडी ने इस मामले में 45 दिन के अंदर कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. कोर्ट में 172 पेजों की चार्जशीट जमा की गई है. ईडी ने ये भी बताया है कि मामले की जांच चल रही है.
ईडी ने जो संपत्ति कुर्क की है, उसमें 40.33 करोड़ रुपये की 40 अचल संपत्ति और 7.89 करोड़ रुपये की शेष राशि वाले 35 बैंक खाते शामिल हैं. कुर्क की गई संपत्तियों में फ्लैट, एक फार्म हाउस, कोलकाता शहर में प्राइम लोकेशन की जमीन और बैंक बैलेंस शामिल हैं.
दूसरे के नाम पर चल रही थी कंपनियां
अटैज की गई संपत्तियों को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी के स्वामित्व में पाया गया है. कई अटैच संपत्तियों को बोगस कंपनियों और फर्मों और पार्थ चटर्जी के लिए प्रॉक्सी के रूप में काम करने वाले व्यक्तियों के नाम पर संचालित किया जा रहा था. इससे पहले ईडी ने शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था और 23 जुलाई को पश्चिम बंगाल सरकार के तत्कालीन मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया था. पार्थ चटर्जी 23 जुलाई से से 5 अगस्त तक ईडी की हिरासत में रहे थे.
ईडी ने दो ठिकानों पर छापे मारे थे
ईडी ने इससे पहले 22 जुलाई और 27/28 जुलाई को अर्पिता के दो ठिकानों पर छापे मारे थे. दो ठिकानों से कुल 49.80 करोड़ रुपये की नकदी और 5.08 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने और आभूषण जब्त किए थे.

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