
Earthquake in Ladakh: लद्दाख में कांपी धरती, महसूस किए गए भूकंप के झटके
AajTak
लद्दाख में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. बताया जा रहा है कि लद्दाख के करगिल में सुबह 9.30 बजे ये झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 थी. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था.
लद्दाख में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. बताया जा रहा है कि लद्दाख के करगिल में सुबह 9.30 बजे ये झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 थी. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था.
इससे पहले शनिवार-रविवार को 24 घंटे में ताइवान (Taiwan) में तीन भयानक भूकंप आए थे. इन भूकंपों में काफी नुकसान हुआ था. ताइवान में कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं. ब्रिज गिर गए हैं. ट्रेनें पटरियों से उतर गई थीं. ब्रिज टूटने की वजह से कई गाड़ियां ब्रिज के नीचे गिर गईं. भूकंपों के चलते ताइवान से लेकर जापान तक सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था. इन भूकंपों की तीव्रता 6.4 से लेकर 7.2 थी.
16 सितंबर को लद्दाख में आया था भूकंप इससे पहले 16 सितंबर को भी लद्दाख में सुबह 4.19 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. . भूकंप विज्ञान केन्द्र के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.8 थी. जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केन्द्र अलची (लेह) के उत्तर में 189 किलोमीटर पर था और इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी.
अगस्त में 107 बार आया भूकंप National Center for Seismology ने भारत और आसपास के देशों में अगस्त में 107 भूकंप को रिकॉर्ड किया है. इनमें से 99 भारत के विभिन्य राज्यों में आए. भारत में आए भूकंप की तीव्रता 3.0-3.9 और 4.0 - 4.9 के बीच मापी गई.जम्मू कश्मीर में 14 बार आया भूकंप जम्मू कश्मीर में अगस्त में 14 बार भूकंप आया. ये सभी भूकंप 2.6 से 4.1 तीव्रता के थे. 14 बार आए भूकंप में से 9 बार डोडा में आया. 3 बार उधमपुर में , 2 बार किश्तवाड़ में आया है. डोडा में सबसे अधिक तीव्रता का भूकंप 24 अगस्त को आया था. उस वक्त भूकंप की तीव्रता 4.1 थी.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण भारत के 6 से ज्यादा जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन जहाजों में ज्यादातर एलपीजी टैंकर और एलएनजी जहाज हैं. जिससे देश में एलपीजी की किल्लत हो सकती है. हालांकि, सरकार ने घरेलू उत्पादन में 40% वृद्धि की है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है.

न्यूजरूम में बात होगी तेल-गैस युद्ध बने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की. बताएंगे कि कैसे भड़का तेल-गैस युद्ध. इजरायल के हमले का जवाब ईरान ने कैसे दिया. ये भी बात होगी कि क्या ट्रंप का ऑपरेशन एपिक फ्यूरी फेल हो गया? क्या ईरान को निहत्था करने के लिए शुरू हुई जंग अब तेल-गैस युद्ध के साथ तीसरा विश्व युद्ध की तरफ बढ़ चला है.

देश के 3 शहरों से ऐसी खबरें आईं जिसने दिल दहला दिया. आग लगने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़ और इंदौर में भयानक हादसे हुए. भीषण आग की चपेट में पूरा का पूरा परिवार आ गया. दिल्ली में 9 लोगों की मौत हुई तो इंदौर में भी 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी. चंडीगढ़ में लगी आग भयावह जरूर है, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत अब भी जारी है. गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है. होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं. कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं. त्योहारी सीजन में घरों में भी इसका असर दिख रहा है.









