
Delhi Weather Update: दिल्ली पर काले बादलों का डेरा, मॉनसून की एंट्री से मौसम सुहावना, मौसम विभाग ने बारिश पर दी ये जानकारी
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Delhi Rainfall: दिल्ली में मॉनसून की एंट्री से मौसम सुहावना हो गया है. दिल्ली में आज भी काले बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में अगले कुछ दिनों इसी तरह का मौसम बना रहेगा.
Delhi Monsoon, Rainfall Alert, IMD Prediction: दिल्ली में 30 जून को बारिश के साथ मॉनसून की एंट्री हो गई है. गुरुवार सुबह दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में बारिश से मौसम अच्छा हो गया. मौसम विभाग की मानें तो अब दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. मालूम हो कि बीते कई दिनों से राजधानी का तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ था.
दिल्ली काफी समय से मॉनसून का इंतजार कर रही थी. मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दिल्ली में आज से अगले 6 दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है. अगर आज 1 जुलाई की बात करें तो दिल्ली में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 32 डिग्री रह सकता है. वहीं, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रहने की संभवाना है.
दिल्ली में पिछले साल मॉनसून के आने में देरी हुई थी. आईएमडी ने भविष्यवाणी की थी कि मॉनसून अपनी सामान्य तिथि से लगभग दो सप्ताह पहले दिल्ली पहुंच जाएगा. हालांकि, यह 13 जुलाई को राजधानी पहुंचा, यह 19 सालों में दिल्ली में सबसे देरी से पहुंचने वाला मॉनसून था. वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि इस साल मॉनसून के पहले 10 दिनों में दिल्ली में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है . मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 जून से दिल्ली में 30 जून की सुबह तक दिल्ली में 24.5 मिमी बारिश हुई है.
जानिए अपने शहर के मौसम का हाल
मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में आगे बढ़ गया है. वहीं, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़और हरियाणा के कुछ हिस्सों में मॉनसून आगे बढ़ गया है. बता दें ओडिशा और कर्नाटक, केरल समेत देश के ज्यादातर राज्यों में मॉनसून पहले ही पहुंच चुका है. इन राज्यों में ठीक-ठाक बारिश हो रही है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.











