
Delhi में फिर शुरू हुई Corona Beds की मारामारी, कई अस्पताल हुए फुल
Zee News
पिछले 24 घंटे में राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के 1515 नए मामले सामने आए हैं जबकि 5 मरीजों की मौत हो गई. राज्य में तेजी से बढ़ती कोरोना मरीजों की संख्या का असर अब अस्पतालों में भी दिखने लगा है.
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक बार फिर कोरोना वायरस संक्रमितों (Corona Positive Patient) के आंकड़े में उछाल आया है. जिसका असर अब अस्पतालों में भी नजर आने लगा है. आलम ये है कि राज्य के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड्स और वेंटिलेटर की किल्लत होने लगी है. 1. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ये दिल्ली का सरकारी अस्पताल है और देश में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज सबसे पहले इसी अस्पताल में शुरू हुआ था. कोरोना मरीजों के लिए यहां कुल 172 बेड्स हैं. इनमें से अभी 137 खाली हैं, जबकि आईसीयू बेड्स की कमी होने लगी है. अस्पताल में कुल 18 ICU बेड्स हैं, जिनमें से केवल 4 खाली हैं.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










