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भारत में हाथियों की भूख का सच! जानिए क्या खाते हैं गजानन; इनके लिए क्यों हो रही 13,200 एकड़ में खेती?
Zee News
Elephant Food in India: देश में सबसे ज्यादा हाथी कर्नाटक, असम और केरल में पाए जाते हैं. भारत में लगभग 30,000 हजार हाथी मौजूद हैं. भारत के असम राज्य में करीब 6,000 किसानों के द्वारा 13,200 एकड़ में हाथियों के खाने के लिए खेती की जा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में हाथी क्या खाते हैं?
Elephant Food in India: भारत के असम में किसानों ने हाथियों के खाने का बोझ अपने सिर पर उठाया है. नगांव और कार्बी आंगलोंग जिले के लगभग 200 से ज्यादा गांवों में खेती करने का क्षेत्रफल पिछले 4 सल में 13,200 एकड़ से ज्यादा बढ़ गया है. कभी जो जमीन परती रही थी, वहां इस साल लगभग 28,908 मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है. इस रिपोर्ट में हम आपके बताएंगे कि भारत में हाथी क्या खाते हैं और किसान उनके लिए इतनी ज्यादा खेती किस चीज की कर रहे हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








