
CM पद की प्रयोगशाला बना गुजरात, मोदी के अलावा सिर्फ एक नेता का पूरा हो सका कार्यकाल
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गुजरात की राजनीति में दो दिलचस्प बात यह भी रही कि राज्य में 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले दोनों मुख्यमंत्रियों को यह सौभाग्य अपने दूसरे कार्यकाल में मिला. साथ ही इन दोनों ने 4-4 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ली.
उत्तराखंड के अलावा गुजरात भी एक ऐसा राज्य है जहां मुख्यमंत्रियों के लिए अपना कार्यकाल पूरा करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है. अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने से महज सालभर पहले विजय रुपाणी के इस्तीफे के बाद एक बार फिर यह साबित हो गया है कि गुजरात भी मुख्यमंत्री पद की प्रयोगशाला बनकर रह गया है.
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