
China-Taiwan Tension: चीन का ताइवान पर हमला सीधे अमेरिका को चुनौती कैसे? जानिए
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अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो क्या दुनिया के लिए तीसरे विश्वयुद्ध का फ्रंट खुल जाएगा, क्योंकि चीन का ताइवान पर हमला अमेरिका की साख पर हमला है. लेकिन अमेरिका के लिए ताइवान यूक्रेन से अलग है, जिसे वो खो नहीं सकता. यूक्रेन तो रूस के खिलाफ अमेरिका का सिर्फ मोहरा था, लेकिन ताइवान ऐसा मुल्क है जो कि सीधे यूएस से जुड़ा हुआ है. ताइवान में अमेरिका की सीधी दखलअंदाजी है और चीन का ताइवान पर हमला सीधे अमेरिका पर साख पर हमला होगा. यही वजह है कि ताइवान के नाम पर अमेरिका और चीन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

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