
China से भिड़ना अमेरिका को भी पड़ जाएगा भारी! देखें कितना खतरनाक हैं ड्रैगन के हथियार
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अमेरिका भले ही दुनिया की महाशक्ति हो, फिर भी उसे यकीन नहीं है कि वो ताइवान को चीन के हमले से बचा पाएगा. ये चौंकाने वाला खुलासा एक अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया है. पिछले महीने 8 मार्च को CSR रिपोर्ट में कहा गया ताइवान को बचाना अमेरिका के लिए मुश्किल होगा. इसकी सबसे बड़ी वजह चीन की एंटी शिप बैलेस्टिक मिसाइल है, जो समंदर में किसी भी टारगेट को चुटकियों में ध्वस्त कर देगी. US कांग्रेश्नल रिसर्च सर्विस ने ताइवान पर अमेरिका को चेताया है. ताइवान पर कब्जा करने की तैयारी चीन सालों से कर रहा है. उसे पता है कि ताइवान को बचाने अमेरिका भी आ सकता है. इसलिए उसने अमेरिकी हमले से निपटने का भी हथियार ताइवान के खिलाफ तैनात कर दिया है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.










