
Budget 2023: सस्ते होंगे मोबाइल और टीवी, सरकार ने घटा दी कस्टम ड्यूटी, बजट में बड़ा ऐलान
AajTak
Budget 2023: केंद्रीय बजट 2023-24 पेश कर दिया गया है. इस बजट में सरकार ने टैक्स स्लैब में बदलाव से कस्टम ड्यूटी में कटौती तक कई बड़े ऐलान किए हैं. कंज्यूमर्स को इसका फायदा मिलेगा. सरकार ने मोबाइल फोन्स में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी कम की है. इससे देश में फोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही कई दूसरे ऐलान भी किए हैं.
Budget 2023 में केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बड़ा ऐलान किया है. बजट 2023 के लागू होने के बाद देश में मोबाइल फोन्स सस्ते हो सकते हैं. सरकार ने मोबाइल फोन्स में इस्तेमाल होने वाले कुछ पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी को घटाने का ऐलान किया है. इसके अलावा, सरकार ने मोबाइल फोन को पावर देने वाली लिथियम आयन बैटरी पर भी कस्टम ड्यूटी घटाई है.
वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन्स और टीवी के कुछ पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी को घटाया है, जिससे देश में इन डिवाइसेस की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ सके. अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कैमरा लेंस पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 2.5 परसेंट किया गया है.
वहीं लिथियम आयन बैटरी पर भी कस्टम ड्यूटी को कम किया गया है. इसके अलावा ओपन सेल LED TV पैनल पर कस्टम ड्यूटी को भी घटाकर 2.5 परसेंट कर दिया गया है. इसका मतलब है कि स्मार्टफोन्स और टीवी सस्ते होंगे. सरकार ने मंगलवार को Economic Survey 2022-23 पेश किया था.
इस सर्वे के मुताबिक, देश में मोबाइल फोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है. जहां साल 2014-15 में देश में मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग 6 करोड़ यूनिट्स की थी. वहीं ये संख्या 2021-22 में बढ़ाकर 31 करोड़ हो गई है. ऐपल और Xiaomi जैसे ब्रांड्स भारत में बड़ी संख्या में अपने स्मार्टफोन मैन्युफैक्चर कर रहे हैं.
कुछ साल पहले तक iPhone चीन में मैन्युफैक्चर होकर भारत में बेचे जाते थे, लेकिन अब ये स्थिति तेजी से बदल रही है. कंपनी आईफोन 13 और यहां तक iPhone 14 का निर्माण भी भारत में शुरू कर दिया है.
हालांकि, कंपनी अभी भी अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स को भारत में मैन्युफैक्चर नहीं कर रही है, लेकिन आने वाले वक्त ये भी शुरू हो सकता है. हाल में आई कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि साल 2025 तक दुनियाभर के लगभग 25 परसेंट आईफोन भारत में बने होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का फाइनल रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है. इस वर्ष लगभग 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की है ताकि नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो सके.











