
BNP बनाम जमात... 18 महीने की उथल-पुथल के बाद चुनाव को तैयार बांग्लादेश
AajTak
लंबे राजनीतिक संकट के बाद बांग्लादेश में आम चुनाव की तैयारी पूरी हो गई है और 12 फरवरी को मतदान होगा. 299 सीटों के लिए वोटिंग के साथ संविधान संशोधन पर भी फैसला होगा. भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बड़े मुद्दे हैं. अवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद मुकाबला BNP और जमात ए इस्लामी के बीच केंद्रित हो गया है.
18 महीनों की लंबी राजनीतिक अस्थिरता के बाद भारत के पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में आम चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अब 72 घंटे से भी कम समय में मतदान शुरू होगा. इसी मतदान के साथ देश की जनता उस संविधान संशोधन पर भी फैसला देगी जिसकी मांग शेख हसीना की सत्ता हटाने के लिए शुरू हुए जुलाई आंदोलन के बाद उठी थी.
बांग्लादेश चुनाव आयोग के मुताबिक, देशभर में मतदान केंद्र तैयार हैं. 12 फरवरी को मतदान होगा और 299 संसदीय सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. शेरपुर जिले में जमात उम्मीदवार के निधन के बाद कुल 299 सीटों पर ही वोटिंग होगी. सुबह साढ़े 7.30 बजे मतदान शुरू होगा और बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराया जाएगा. उसी दिन शाम करीब साढ़े 4.30 बजे मतगणना शुरू होगी और आयोग का अनुमान है कि परिणाम आने में 24 घंटे तक का समय लग सकता है.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश चुनाव में अब सिर्फ 72 घंटे, कई जगहों पर चुनावी हिंसा, BNP-जमात के कार्यकर्ता भिड़े
10 फरवरी की सुबह साढ़े 7.30 बजे चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा. देश में कुल 12 करोड़ 76 लाख 95 हजार मतदाता हैं जिनमें 6 करोड़ 28 लाख महिलाएं शामिल हैं. 300 सीटों पर कुल 1981 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 78 महिलाएं हैं.
बांग्लादेश में हालात कैसे हैं?
बांग्लादेश लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, भीड़ हिंसा, राजनीतिक टकराव और खराब कानून व्यवस्था से जूझ रहा है. भ्रष्टाचार और बेहतर शासन जैसे मुद्दे जनता के लिए अहम हैं. वहीं, अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी रही हैं. दीपू दास की हत्या जैसी घटनाएं अभी भी याद की जाती हैं. ऐसे में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षा की गारंटी चाहता है और उनका कहना है कि माहौल सुरक्षित हुआ तभी वे मतदान में हिस्सा लेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











