
BJD विधायक अरबिंद धाली और रिटायर्ड IAS ऋषिकेश पांडा ने थामा बीजेपी का दामन
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बीजेडी विधायक अरबिंद धाली और एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ऋषिकेश पांडा ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. पांच बार के विधायक ने कहा कि बीजेडी के अंदर कोई लोकतंत्र नहीं है और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की जा रही है.
ओडिशा की सत्ता पर काबिज बीजू जनता दल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब पांच बार के विधायक अरबिंद धाली और एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ऋषिकेश पांडा ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. इससे पहले पूर्व बीजेडी विधायक मुकुंद सोड़ी, सेवानिवृत्त एयर मार्शल दिलीप कुमार पटनायक, राज्यसभा में पूर्व संयुक्त सचिव रमाकांत दास और बीजेडी के दिगपहांडी ब्लॉक के अध्यक्ष बिपिन प्रधान भी भाजपा में शामिल हो गए हैं. अरबिंद धाली ने शनिवार को सत्तारूढ़ बीजेडी से इस्तीफा देने के बाद एक जुलूस में अपने समर्थकों के साथ भुवनेश्वर में भाजपा कार्यालय पहुंचे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, सांसद अपराजित सारंगी समेत अन्य लोगों की उपस्थिति में बीजेपी का दामन थाम लिया.
'बीजेडी में नहीं है लोकतंत्र'
उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर मीडिया से कहा, बीजेडी के अंदर कोई लोकतंत्र नहीं है और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की जा रही है. मुझ वहां घुटन महसूस हो रही थी. इसके बाद मैंने बीजेडी को छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गया, जहां आंतरिक लोकतंत्र है.
बीजेपी जीतेगी 100 से ज्यादा सीटें उन्होंने आगे दावा करते हुए कहा कि बीजेपी 147 सीटों में से 100 से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतकर राज्य में सरकार बनाएगी. वहीं, रिटायर्ड अधिकारी ऋषिकेश पांडा ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है. पांडा 1979 बैच के टॉपर होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध लेखक भी हैं.
BJP कर रही है फिर वही गलती: बीजेडी नेता बीजेडी में मची भगदड़ के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता राज किशोर ने दावा किया है कि अरबिंद धाली के बीजेपी में शामिल होने से कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले, कई नेताओं के लिए एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना सामान्य बात है. जिन नेताओं के जीतने की संभावना बहुत कम है और वे जानते हैं कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी तो वो बीजद छोड़ रहे हैं. बीजेडी प्रवक्ता स्वयं प्रकाश महापात्र ने कहा कि भाजपा बीजेडी के नेताओं का स्वागत कर रही है, क्योंकि वह नए नेता तैयार करने में विफल है. जिन बीजद नेताओं को इस बार टिकट नहीं मिलेगा या जो गंभीर अपराधों में शामिल हैं. उन्हें भाजपा अपने दल में शामिल कर रही है और यही उन्होंने साल 2019 में किया था. इसका परिणाम सभी को पता है, भाजपा फिर वही गलती कर रही है.

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