
Asur 2 Review: कलयुग में पाप बढ़ाने आ गया 'असुर', अरशद वारसी-बरुन सोबती ने जीता दिल
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इंतजार खत्म हुआ. अरशद वारसी और बरुन सोबती स्टारर सीरीज 'असुर' का दूसरा सीजन रिलीज हो चुका है. 'असुर 2' के दूसरे पार्ट की शुरुआत वहीं से होती है, जहां से इसका पहला सीजन खत्म हुआ था. जानते हैं कि पहले सीजन से 'असुर' का दूसरा कितना अलग है.
2020 में जब लॉकडाउन लगा, तो OTT पर रिलीज हुई फिल्म और सीरीज हमारे एंटरटेनमेंट का बड़ा सहारा बनीं. इस दौरान Voot पर एक क्राइम-थ्रिलर सीरीज आई, नाम था 'असुर'. अरशद वारसी और बरुन सोबती स्टारर वेब शो लोगों को खूब पसंद आया. शो की कहानी ने सभी पर ऐसा प्रभाव डाला कि इसके दूसरे सीजन की मांग होने लगी. इंतजार खत्म हुआ है. 1 जून को 'असुर' का दूसरा सीजन रिलीज हो चुका है. हालांकि, इस बार सीरीज Voot पर नहीं, बल्कि JioCinema पर स्ट्रीम हुई है. चलो फिर जानते हैं कि 'असुर' का दूसरा पार्ट पहले पार्ट से कितना अलग है.
'असुर 2' की कहानी 'असुर 2' के दूसरे पार्ट की शुरुआत वहीं से होती है, जहां से इसका पहला सीजन खत्म हुआ था. 'असुर' के पहले सीजन के अंत में हमने देखा था कि छोटी सी उम्र में सीरियल किलर शुभ जोशी जेल चला जाता है. पर जेल जाकर उसके अंदर का राक्षस मरा नहीं है, बल्कि बड़ा होकर वो पहले से ज्यादा खतरनाक बन चुका है. शुभ कलयुग में बेकसूर लोगों की हत्या करके धरती पर पाप बढ़ाना चाहता है. वो एक नये तरीके से लोगों की जान लेकर अपराध को अंजाम दे रहा है.
वहीं दूसरी तरफ सीबीआई और फॉरेंसिक एक्सपर्ट धनंजय कपूर (अरशद वारसी) और निखिल नायर (बरुन सोबती) कलयुग में पैदा हुए असुर को रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं. निर्दोश लोगों की जान बचाने के लिए निखिल अपनी बेटी की जान की कुर्बानी भी दे देता है, लेकिन फिर भी शुभ को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाता. असुर लगातार लोगों की जान ले रहा और CBI की टीम लगातार लाचार बनी हुई है. निखिल नायर और उसकी टीम की नाकाम कोशिश के चलते CBI की टीम भी बदल गई है. हालांकि, पुरानी टीम के कुछ लोग अब अभी इस केस का हिस्सा हैं. देखना होगा कि निखिल और धनंजय एक साथ आकर कलयुग में हो रही हत्याओं को रोकने में कामयाब होंगे या नहीं? क्या खुद को कली कहने वाले शुभ के पापों का अंत होगा? जानने के लिए 'असुर 2' देखना होगा.
पहले सीजन से कितनी अलग है असुर 2 कई बार होता है कि सुपरहिट सीरीज के दूसरे सीजन की कहानी से आप कनेक्ट नहीं कर पाते. पर 'असुर 2' के साथ ऐसा नहीं है. 'असुर 2' की शुरुआत ही पहले सीजन के अंत से होती है. 'असुर 2' के पहले तीन एपिसोड आपको सीरीज से जोड़े रखते हैं. स्क्रीन पर कलयुगी असुर की स्मार्टनेस, मर्डर और सस्पेंस 'असुर 2' को दमदार बनाता है. सीरीज देखकर आपको आगे कहानी जानने की चाह होती है. सीरीज में पहले से ज्यादा ट्विस्ट एंड टर्न हैं, जो आपको बोर नहीं देते हैं.
लाजवाब है स्टार्स की एक्टिंग? अरशद वारसी की एक्टिंग के बारे में कुछ भी लिखना कम लगता है. वो एक दमदार एक्टर हैं, जो किसी भी रोल में खुद को फिट करना जानते हैं. 'असुर' के पहले सीजन में उन्होंने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को सरप्राइज किया था. इसके दूसरे पार्ट में भी वो भौकाली रूप में दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ते हैं. इसके बाद बात आती है सीरीज के दूसरे लीड एक्टर बरुण सोबती की, जो एक पिता और फोरेंसिक एक्सपर्ट के रोल में अच्छा काम करते दिखे. बरुण ने अपने रोल के इमोशन्स को दर्शकों के सामने बखूबी पेश किया है. इसके अलावा अनुप्रिया गोयनका और रिद्धी डोगरा ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है.
क्यों देखनी चाहिए सीरीज? अगर आपने 'असुर' का पहला सीजन देखा है, तो इसके दूसरे को मिस करना गुस्ताखी होगा. वहीं अगर आप क्राइम और माइथोलॉजी से बुनी हुई कहानी देखने में दिलचस्पी रखते हैं, तो 'असुर' आपके लिए बेस्ट चॉइस है. सीरीज देखने की तीसरी वजह अरसद वारसी और बरुण सोबती की एक्टिंग है. पर्दे पर ये दोनों ही स्टार्स दिल से एक्टिंग करते नजर आते हैं.

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