
Assam Floods: असम बाढ़ में घर-सड़क-पुल-खेत... सब तबाह! 113 लोगों की मौत, 13 हजार विस्थापित, जानवर भी बहे
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असम में बाढ़ से लोगों को काफी नुकसान हुआ है. इससे करीब 2.72 लाख लोग प्रभावित हैं. कुल 12,929 बाढ़ प्रभावित लोग वर्तमान में 62 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 14 राहत वितरण केंद्र 17,341 लोगों की सेवा कर रहे हैं.
Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में अब सुधार के संकेत तो दिख रहे हैं लेकिन अब तक की स्थिति में लगभग 2.72 लाख आबादी प्रभावित है. वहीं, गुरुवार को बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और हर जगह जलमग्न की स्थिति देखने को मिल रही है.
खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदियां
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मपुत्र सहित दो प्रमुख नदियां अभी भी दो स्थानों पर खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) बुलेटिन में कहा गया है कि वर्तमान में 31 राजस्व क्षेत्रों और 13 जिलों के 695 गांवों में प्रभावित आबादी की संख्या 2,72,037 है. बाढ़ प्रभावित जिले में कामरूप, मोरीगांव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, गोलपारा, शिवसागर, कछार, धुबरी, करीमगंज, नलबाड़ी, नागांव, धेमाजी और कामरूप मेट्रोपॉलिटन हैं. बुधवार को 11 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 355,000 थी.
राहत शिविरों में शरण ले रहे लोग इस साल की बाढ़ में बिजली गिरने और तूफान के कारण अब तक 113 लोगों की जान जा चुकी है. सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाकों में नागांव है, जहां इससे 77,101 लोग प्रभावित हैं, इसके बाद कछार में 51,926 और धुबरी में 39,973 लोग प्रभावित हैं. कुल 12,929 बाढ़ प्रभावित लोग वर्तमान में 62 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 14 राहत वितरण केंद्र 17,341 लोगों की सेवा कर रहे हैं.
बाढ़ से जानवरों को भी हो रहा नुकसान बाढ़ के पानी में 13,804.36 हेक्टेयर फसल डूब गए हैं. बाढ़ से पिछले 24 घंटों में चार जानवर बह गए हैं, अन्य 123,038 जानवर अभी भी प्रभावित हैं. ब्रह्मपुत्र धुबरी में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है, जबकि दिसांग नदी नंगलामुरा घाट में लाल निशान से ऊपर है. एएसडीएमए बुलेटिन (ASDMA bulletin) ने विभिन्न प्रभावित जिलों में तटबंधों, घरों, सड़कों और पुलों के नुकसान की भी सूचना दी है.

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