
AIIMS के बाद एक और हॉस्पिटल का डेटा लीक, Dark Web पर बिक रही 1.5 लाख मरीजों की जानकारी
AajTak
Dark Web Data: दिल्ली AIIMS पर साइबर अटैक का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और ऐसा मामला सामने आया है. एक हॉस्पिटल के 1.5 लाख मरीजों का डेटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा है. इस डेटा में मरीजों के नाम से लेकर घर का पता तक शामिल है. आइए जानते हैं इस पूरे मामले की डिटेल्स.
दिल्ली AIIMS हैकिंग और डार्क वर्ल्ड में डेटा का बिकना चिंता का विषय बना हुआ है. अभी यह केस ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और ऐसा मामला सामने आया है. एक नामी हॉस्पिटल के हजारों मरीजों का डेटा डार्क वर्ल्ड में बेचा जा रहा है. मामला तमिलनाडु के श्री सरन मेडिकल सेंटर का है. हॉस्पिटल के मरीजों का सेंसिटिव डेटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा है.
22 नवंबर 2022 को XVigil ने डार्क वेब पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें हजारों लोगों का सेंसिटिव डेटा बेचा जा रहा था. हैकर्स ने इसका एक सैंपल भी साइबर फर्म को दिया. ये सैंपल डेटा की ऑथेंटिसिटी चेक करने के लिए दिया गया था और जब इसकी जांच हुई तो डेटा श्री सरन मेडिकल सेंटर का निकला.
इस डेटा में तमिलनाडु के नामी हॉस्पिटल के मरीजों का रिकॉर्ड शामिल था. इसमें साल 2007 से 2011 तक के मरीजों की डिटेल्स मौजूद हैं. डेटा सेट में 1.5 लाख पेसेंट्स का रिकॉर्ड शामिल है. इसमें मरीजों का नाम, उनके गार्जियन का नाम, डेट ऑफ बर्थ, डॉक्टर की डिटेल्स और ऐड्रेस जैसी जानकारियां शामिल हैं.
ये डेटा थर्ड पार्टी वेंडर की ओर से लीक हुआ है, जिसका नाम थ्री क्यूब आईटी लैब बताया जा रहा है. इसकी जानकारी CloudSEK ने दी है. मामले की जानकारी सभी स्टेकहोल्डर्स को दे दी गई है. Three Cube IT Lab से चोरी किए गए डेटा को एक पॉपुलर साइबरक्राइम फोरम पर बेचा जा रहा है. इसके लिए टेलीग्राम चैनल का भी यूज हो रहा है.
मामले की जानकारी देने वाली फर्म का कहना है कि Three Cube IT Lab हॉस्पिटल के लिए सॉफ्टवेयर वेंडर का काम करता है या नहीं, इसकी कोई डिटेल नहीं है. वहीं ये डेटा कैसे लीक हुआ है ये अभी साफ नहीं है.
फर्म एक्जीक्यूटिव्स की मानें तो ये सप्लाई चेन अटैक का केस हो सकता है. डार्क वेब पर इसका डेटा 100 डॉलर में बेचा जा रहा है. वहीं एक्सक्लूसिव ओनरशिप के लिए साइबर क्रिमिनल्स 300 डॉलर की डिमांड कर रहे हैं.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






