
6 महीने में छठवीं बार मध्यप्रदेश आएंगे PM मोदी, 14 सितंबर को बीना पेट्रो केमिकल परिसर का करेंगे भूमि-पूजन
AajTak
MP के सागर जिले स्थित बीपीसीएल की रिफायनरी साल 2011 से कार्यरत है, अब इसका विस्तारीकरण कर पेट्रोकेमिकल का निर्माण भी किया जाएगा. बीपीसीएल इस परियोजना पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी. इससे तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर को एक बार फिर मध्य प्रदेश के सागर जिले में आएंगे. PM बीना स्थित बीपीसीएल में पेट्रो केमिकल परिसर में 50 हजार करोड़ रुपए की लागत से होने वाले निवेश का भूमि-पूजन करेंगे. बीना रिफायनरी के पास पेट्रो केमिकल्स उत्पादन के लिए 50 हजार करोड़ का निवेश होने जा रहा है. प्रदेश में डेढ़ लाख करो़ड़ का निवेश और होने वाला है, जिससे तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी दी.
बीपीसीएल की रिफायनरी साल 2011 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है. अब इसका विस्तारीकरण कर पेट्रोकेमिकल का निर्माण भी किया जाएगा. बीपीसीएल इस परियोजना पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी. राज्य शासन द्वारा बीपीसीएल को टैक्स में छूट और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
एक महीने बाद दूसरी बार सागर आएंगे PM
यह ठीक एक महीने में दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सागर जिले के दौरे पर आएंगे. इससे पहले पीएम मोदी बीते 12 अगस्त को ही सागर में संत रविदास समरसता यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए थे. सागर के बड़कुमा में प्रधानमंत्री ने संत रविदास जी के स्मारक के भूमि-पूजन किया था.
बता दें कि बड़कुमा (सागर) में 100 करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर और विशाल स्मारक बनाया जा रहा है.
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था- पूज्य संत रविदास जी के आशीर्वाद से मैं विश्वास से कहता हूं कि आज मैंने शिलान्यास किया है. एक डेढ़ साल के बाद मंदिर बन जाएगा तो लोकार्पण के लिए भी मैं जरूर आऊंगा. संत रविदास जी मुझे यहां अगली बार आने का मौका देने ही वाले हैं.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









