
55 दिन की फरारी, 43 केस और केंद्र-बंगाल टकराव के बाद कोर्ट का दखल... ऐसे CBI के शिकंजे में आया शाहजहां शेख
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बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित संदेशखाली उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उपखंड में आता है. यह बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ इलाका है. यहां अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज के लोग सबसे अधिक रहते हैं. जनवरी में जब तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख के घर पर ईडी की टीम ने रेड की थी तो उन्होंने ईडी की टीम पर ही हमला कर दिया जिसके बाद यह इलाका खूब सुर्खियों में रहा था.
पश्चिम बंगाल में बीते 2 महीने से संदेशखाली को लेकर जारी सियासी उठापटक बुधवार 6 मार्च को किसी नतीजे पर पहुंची. संदेशखाली के मु्ख्य आरोपी टीएमसी नेता शाहजहां शेख को बचाने के आरोपों से घिरी राज्य सरकार की एक भी दलील न हाईकोर्ट में सुनी गई और न सुप्रीम कोर्ट में ही काम आई. हाईकोर्ट ने दो टूक कहा कि शाहजहां को CBI को हैंडओवर कर दिया जाए, जबकि राज्य सरकार इस बात पर अड़ी थी कि इस पूरे मामले को CID ठीक तरीके से देख रही है और हैंडल करने में सक्षम है. बुधवार को हाईकोर्ट में चले ट्रायल के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि, ईडी अधिकारियों पर हमले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए और आरोपी शेख शाहजहां की हिरासत आज ही पूरी की जानी चाहिए.
CBI ऑफिस लाया गया शाहजहां शेख इसके बाद शेख शाहजहां को CBI को सौंपा गया. CBI को कस्टडी मिलने के बाद, संदेशखाली के आरोपी को दक्षिण 24 परगना स्थित सीबीआई कार्यालय लाया गया है. अब मामले में CBI पूछताछ करेगी. CBI को ये कस्टडी ईडी अधिकारियों पर हमले की जांच के लिए मिली है. ऐसे में एक बार फिर इस पूरे प्रकरण को देख लेने की जरूरत है, क्योंकि ईडी अफसरों पर हमला, फिर संदेशखाली की महिलाओं का यौन शोषण का आरोप, TMC, बीजेपी-कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप, फिर 55 दिन बाद गिरफ्तारी और कोर्ट-कचहरी का चक्कर... इन दो महीने और सात दिन में घटनाओं की एक पूरी कड़ी बन गई है, जानिए कब क्या हुआ?
कहां है संदेशखाली बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित संदेशखाली उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उपखंड में आता है. यह बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ इलाका है. यहां अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज के लोग सबसे अधिक रहते हैं. जनवरी में जब तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेखे के घर पर ईडी की टीम ने रेड की थी तो उन्होंने ईडी की टीम पर ही हमला कर दिया जिसके बाद यह इलाका खूब सुर्खियों में रहा था.
क्या हुआ था 5 जनवरी को पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में जब 5 जनवरी को ईडी की टीम शाहजहां शेख के आवास पर छापा मारने पहुंची तो वहां उसके गुर्गों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था. 200 से अधिक स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और उनके साथ चल रहे अर्धसैनिक बलों के वाहनों को घेर लिया था. भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की थी. इस हमले में ईडी के तीन अधिकारी राजकुमार राम, सोमनाथ दत्त और अंकुर गुप्ता घायल हो गए थे. इस मामले में एक-एक करके चार गिरफ्तारियां हुई थीं, शाहजहां शेख कई दिनों तक फरार रहा. शाहजहां को पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का करीबी माना जाता है.
लुकआउट नोटिस हुआ था जारी इससे पहले ईडी ने शाहजहां के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था. उसके बाद शाहजहां की एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी. इसमें शाहजहां कहता है कि मृत्यु अपरिहार्य है, लेकिन हमें अपराध और गलत काम के खिलाफ लड़ना होगा. मैं कभी किसी अपराध में शामिल नहीं रहा हूं. अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने कुछ भी गलत किया है तो जान देने के लिए तैयार हूं. अपना चेहरा भी नहीं दिखाऊंगा. '

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