
453 दिन पहले आई वो रिपोर्ट जिसने खोला दिल्ली का शराब घोटाला... सिसोदिया के बाद अब संजय सिंह कैसे नप गए?
AajTak
दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया के बाद आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी से पहले संजय सिंह से ईडी ने 10 घंटे पूछताछ भी की थी. आम आदमी पार्टी के ये दोनों बड़े नेता जिस घोटाले में गिरफ्तार हुए हैं, उसका खुलासा 453 दिन पहले आई एक रिपोर्ट से हुआ था.
आज से ठीक 453 दिन पहले आठ जुलाई 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को एक रिपोर्ट सौंपी. यही वो रिपोर्ट थी जिसने दिल्ली के शराब घोटाले को खोलकर रख दिया.
इस रिपोर्ट में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. इस रिपोर्ट के आधार पर एलजी सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. 2022 की 17 अगस्त को सीबीआई ने केस दर्ज किया. इसमें मनीष सिसोदिया, तीन पूर्व सरकारी अफसर और दो कंपनियों को आरोपी बनाया.
इस घोटाले में चूंकि पैसों की हेराफेरी भी हुई, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इसमें शामिल हो गई. सीबीआई के बाद ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया.
शराब घोटाले में इस साल 26 फरवरी को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. सिसोदिया के बाद 4 अक्टूबर को ईडी ने संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया. मनीष सिसोदिया और संजय सिंह, दोनों ही आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में से हैं. और दोनों ही अब जेल में हैं.
पर ऐसा क्या था उस रिपोर्ट में?
- मुख्य सचिव ने इस रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया पर गलत तरीके से शराब नीति तैयार करने का आरोप लगाया. लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया. और तो और कथित तौर पर एलजी और कैबिनेट की मंजूरी लिए बगैर ही शराब नीति में अहम बदलाव भी कर दिए.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







