
36 घंटे में एक के बाद एक 6 झटके... भारत-म्यांमार बॉर्डर पर भूकंप से कांपी धरती
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म्यांमार में 28 मार्च को रिक्टर पैमाने पर 7.7 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया था. भूकंप में 3700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.
भारत और म्यांमार बॉर्डर बीते 36 घंटे में छह भूकंप के झटकों से दहल गया. भूकंप के ये झटके हल्के से मध्यम तीव्रता के थे.
रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 से 4.5 थी. भूकंप का आखिरी झटका मंगलवार सुबह 11.31 बजे महसूस किया गया था. बता दें कि म्यांमार में 28 मार्च को रिक्टर पैमाने पर 7.7 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया था. भूकंप में 3700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.
धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं.
रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपिसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.
कितनी तीव्रता कितनी खतरनाक?
कोई भूकंप कितना खतरनाक है? इसे रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा खतरनाक होता है.

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