
'3 इंच का कृपाण, धार्मिक पुस्तकें...', डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के साथियों को ये सामान रखने की मिली इजाजत
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पंजाब में 18 मार्च को पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी. उसके कई साथियों और समर्थकों को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अमृतपाल पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया था. इस दौरान पकड़े गए 7 सहयोगियों को सुरक्षा व्यवस्था के चलते डिब्रूगढ़ की जेल में शिफ्ट किया गया है. जेल में मल्टी लेयर सिक्योरिटी व्यवस्था की गई है.
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के 7 साथियों को असम के डिब्रूगढ़ की जेल में रखा गया है. इनमें अमृतपाल का चाचा भी शामिल है. डिब्रूगढ़ की जिस जेल में इन लोगों को रखा गया है, वहीं सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है. इतना ही नहीं अमृतपाल के साथियों को 3 इंच का कृपाण रखने की इजाजत भी दी गई है. इसके अलावा कैदियों द्वारा जो धार्मिक पुस्तकें मांगी गई थी, वे भी उपलब्ध कराई गई हैं.
असम सीएम से ली गई कृपाण रखने की इजाजत- डीजीपी
असम डीजीपी जीपी सिंह ने आजतक से खास बातचीत में ये जानकारी दी. उन्होंने बताया, मैंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है. अंदर जेल का स्टाफ सुरक्षा में तैनात है, जबकि जेल के बाहर कमांडोज की तैनाती की गई है. जो लोग इनसे मिलने आ रहे हैं, उनपर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.
उन्होंने बताया कि असम की जेल का मैनुअल पंजाब से अलग है. ऐसे में असम के सीएम के आदेश पर अप्रूवल लेकर सभी 7 कैदियों को 3 इंच से छोटा कृपाण रखने दिया गया है. उन्होंने जो धार्मिक पुस्तकें मांगी थीं, उन्हें भी दिया गया है.
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पहले 4, फिर 3 कैदी किए गए शिफ्ट

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