
26 अरब का बॉलरूम! ट्रंप के 'लग्जरी महल' के लिए कौन-कौन दे रहा पैसा?
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को तोड़कर एक विशाल बॉलरूम बनवा रहे हैं. इस बॉलरूम का खर्च लगभग 300 मिलियन डॉलर है. इसकी फंडिंग कई बड़ी कंपनियां और लोग कर रहे हैं जिसमें एप्पल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा और अमीर लोग शामिल हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन ने उन डोनर्स की लिस्ट जारी की है जो व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स में नए बॉलरूम के निर्माण के लिए फंड दे रहे हैं. ट्रंप ने बार-बार कहा है कि बॉलरूम पर होने वाला खर्च पूरी तरह प्राइवेट फंडिंग से पूरा किया जा रहा है यानी इसका टैक्सपेयर्स पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा.
बुधवार को ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका खर्च लगभग 300 मिलियन डॉलर (करीब 26 अरब, 36 करोड़) आएगा. इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने बॉलरूम की लागत 200 मिलियन डॉलर बताई थी.
व्हाइट हाउस के मुताबिक, एप्पल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी कुछ बड़ी कंपनियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित 90,000 वर्ग फुट के बॉलरूम के निर्माण के लिए दान दिया है.
ट्रंप का बॉलरूम प्रोजेक्ट दशकों में पहला बड़ा रेनोवेशन प्रोजेक्ट है. इसके तहत ट्रंप व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को तोड़कर उसे एक विशाल बॉलरूम में तब्दील करेंगे जिसमें 1,000 लोग आ सकेंगे.
व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग में ही फर्स्ट लेडी यानी अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी का ऑफिस होता है और उनके स्टाफ भी यहीं रहते हैं. ईस्ट विंग 1902 में बना था और समय-समय पर इसमें बदलाव किए गए. लेकिन अब ट्रंप ने इसपर बुलडोजर चलवा दिया है और वो इसे शानदार बॉलरूम की शक्ल देना चाहते हैं.
ट्रंप का कहना है कि व्हाइट हाउस में हमेशा से एक विशाल बॉलरूम की जरूरत थी जहां पर विदेशी राष्ट्रराध्यक्षों का स्टेट विजीट आयोजित किया जा सके. उनका कहना है कि सरकारी प्रोग्राम्स में एक साथ ज्यादा लोगों के जमा होने में दिक्कत आती है और नया बॉलरूम इसका हल है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











