
2 शूटर, 3 मददगार और कत्ल... पुलिस की पहुंच से बाहर है गोगामेड़ी मर्डर केस का मास्टरमाइंड रोहित गोदारा
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Sukhdev Singh Gogamedi Murder: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के कातिल यानी शूटर्स अब कानून के शिकंजे में हैं. उनके मददगार भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. शूटर और मददगारों से लगातार पूछताछ की जा रही है. उनसे लगातार सवाल जवाब किए जा रहे हैं. लेकिन इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कानून की पहुंच से बाहर है.
Sukhdev Singh Gogamedi Murder: श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के कत्ल के मामले में पुलिस शूटरों तक तो पहुंच गई और तीन मददगारों को भी गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन इस वारदात का मास्टरमाइंड अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर है. महज इसी वजह से गोगामेड़ी के क़त्ल की असली कहानी अब भी किसी राज की तरह पोशीदा है. पुलिस लगातार इस मामले उलझे हुए मर्डर केस की कड़ियों को जोड़ने की कवायद कर रही है. लेकिन ये केस उतना भी आसान नहीं है, जितना कि बाहर से दिखाई दे रहा है.
क्या थी दुश्मनी की वजह? सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के कातिल यानी शूटर्स अब कानून के शिकंजे में हैं. उनके मददगार भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. शूटर और मददगारों से लगातार पुलिस पूछताछ कर रही है. उनसे लगातार सवाल जवाब किए जा रहे हैं. अब तक की पूछताछ में ये तो साफ हो चुका है कि कत्ल के पीछे गोगामेड़ी और गैंगस्टर रोहित गोदारा की दुश्मनी ही सबसे बड़ी वजह है, लेकिन दुश्मनी की जड़ में वो कौन सी बात है? इसका पता लगाना अब भी बाकी है.
NIA कर रही है जांच इस बीच इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस की जांच जयपुर पुलिस से लेकर एनआईए (NIA) के हवाले की जा चुकी है. लेकिन अब एनआईए के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोहित गोदारा तक पहुंचने की ही है, जो इस वक़्त भारत दूर पुर्तगाल या अजरबैज़ान जैसे किसी मुल्क में छुपा बैठा है. रोहित गोदारा तक पहुंचने के लिए एनआईए क्या कुछ कर रही है, इसके बारे में हम आगे आपको बताएंगे, लेकिन पहले ये जान लीजिए कि गोदारा के इशारे पर इस शूटआउट को अंजाम देने के बाद गोदारा ने अपने गुर्गों के लिए भारत से भागने का क्या और कैसा इंतजाम किया था?
चंडीगढ़ में पकड़े गए शूटर्स सूत्रों की मानें तो गोगामेड़ी को गोली मारने वाले नितिन फौजी और रोहित राठौर इस शूटआऊट के बाद नेपाल और फिर वहां से बैंकाक और उससे आगे किसी और देश में भाग जाना चाहते थे. और गोदारा ने इसके लिए लाइन अप करना भी शुरू कर दिया था. पूछताछ में शूटर्स ने बताया है कि गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद उन्हें सड़क के रास्ते ही चंडीगढ़ से नेपाल भागना था, जहां गोदारा ने उनके लिए होटल भी बुक करा रखा था. वहां कुछ दिन रुकने के बाद वो भारत से दूर निकल जाते. लेकिन इससे पहले कि ऐसा हो पाता, चंडीगढ़ के होटल से पुलिस ने दोनों शूटरों को उनके एक मददगार के साथ गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेगी NIA इस बीच एनआईए इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए इस केस के अब तक गिरफ्तार हुए किरदारों से पूछताछ कर लेना चाहती है. ताकि अब तक कहानी साफ हो सके. एनआईए ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी भी लगाई है. जयपुर पुलिस की जांच के हवाले से अब तक एनआईए को इस केस से जुड़ी जो बातें पता चल चुकी हैं,
रोहित गोदारा है मास्टरमाइंड उसके मुताबिक, इस वारदात का मास्टरमाइंड गैंगस्टर रोहित गोदारा है, जिसके सबसे बड़े गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा से नजदीकी रिश्ते हैं. गोदारा ने अपने गुर्गे वीरेंद्र चारण के जरिए गोगामेड़ी के कत्ल की सुपारी दो शूटरों नितिन फौजी और रोहित राठौर को दी थी. जिन्हें जयपुर में रामबीर, महेंद्र मेघवाल और पूजा सैनी जैसे गैंगस्टरों ने मदद की, लोकर सपोर्ट दिया. जबकि इस शूटआउट में मारा गया नवीन शेखावत भी गोदारा और वीरेंद्र चारण के के इशारे पर शूटरों की मदद कर रहा था. इसी तरह उधम सिंह नाम का एक और बदमाश वारदात के बाद शूटरों को छुपने में उनकी मदद कर रहा था. वीरेंद्र चारण को इस शूटआउट के लिए शूटरों तक पहुंचने में जिन दो बदमाशों ने मदद की, उनकी पहचान भोंडसी जेल में बंद रोनी रूाजपूत और राहुल के तौर पर हुई है.

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