
'1971 की शिकायतों को...', पाकिस्तानी PM से मिले प्रोफेसर यूनुस, SAARC को लेकर कही ऐसी बात
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भारत से दूर होता बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ा रहा है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की है. उन्होंने कहा है कि उनका देश 1971 के लंबित मुद्दों को सुलझाना चाहता है.
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से ही जहां बांग्लादेश अपने पारंपरिक दोस्त भारत से पहले के मुकाबले दूर होता दिख रहा है. वहीं, अपने कट्टर दुश्मन पाकिस्तान के करीब जाता दिख रहा है. इसका ताजा उदाहरण बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात है. गुरुवार को हुई इस मुलाकात में यूनुस ने कहा कि 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़े लंबित मुद्दों को हल किया जाना चाहिए. दोनों नेताओं की मुलाकात काहिरा में विकासशील देशों की डी-8 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई.
डी-8 विकासशील मुस्लिम देशों बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, मलेशिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान और तुर्की का संगठन है जिसमें आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होती है.
बांग्लादेश (पूर्वी पाकिस्तान) पहले पाकिस्तान का ही हिस्सा था लेकिन 1971 में एक खूनी गृहयुद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर बांग्लादेश नामक एक स्वतंत्र देश बना. इस दौरान भारत ने बांग्लादेश की मदद की थी.
विभाजन के बाद से ही पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण रहे लेकिन इसी साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार जाने के बाद मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को सुधारने पर जोर दिया है. बांग्लादेश और पाकिस्तान के व्यापारिक और द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार आया है.
काहिरा में आयोजित डी-8 शिखर सम्मेलन से इतर शहबाज शरीफ से मुलाकात में प्रोफेसर यूनुस ने कहा, 'ये मुद्दे बार-बार सामने आते रहे हैं. हमें आगे बढ़ने के लिए इन लंबित मुद्दों को सुलझा लेना चाहिए.'
मुलाकात को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि शहबाज शरीफ ने डॉ. यूनुस के साथ बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर बात की और व्यापार, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.

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