
16 साल की दिव्यांग, जो न बोल सकती थी, न चल सकती थी... Hamas ने दी दर्दनाक मौत!
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एरिक पेरेट्ज़ और उनकी बेटी रूथ, जो सेरेब्रल पाल्सी और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के चलते व्हीलचेयर पर थी, के शवों को स्वयंसेवकों ने रीम किबुत्ज़ के पास सुपरनोवा सुकोट गैदरिंग स्थल पर पाया है. बताया जा रहा है की ये वही स्थान हैं जहां 260 इजरायलियों की हत्या हमास के आतंकियों द्वारा की गयी थी.
Israel Palestine युद्ध का सबसे खौफनाक पहलू वो हमला है, जो हमास के आतंकियों ने म्यूजिक फेस्टिवल पर किया. इस हमले में कई लोगों की मौत हुई. तमाम लोग बुरी तरह से जख्मी हुए. आज भी जब हम इस हमले से जुड़ी कहानियों को सुनते हैं. या फिर वो किस्से, जिनमें इस हमले से लोग बचे हैं, हमारे सामने आते हैं. रौंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसी ही दिल दहला देने वाली कहानी है एक इज़राइली पिता और उनकी 16 वर्षीय विकलांग बेटी की. हमले के 12 दिन बाद इनके शव मिले हैं. पिता पुत्री की मौत की पुष्टि खुद इजरायल की तरफ से हुई है.
एरिक पेरेट्ज़ और उनकी बेटी रूथ, जो सेरेब्रल पाल्सी और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के चलते व्हीलचेयर पर थी, के शवों को स्वयंसेवकों ने रीम किबुत्ज़ के पास सुपरनोवा सुकोट गैदरिंग स्थल पर पाया. बताया जा रहा है की ये वही स्थान हैं जहां 260 इजरायलियों की हत्या हमास के आतंकियों द्वारा की गयी थी.
इज़राइली आउटलेट येनेट से बात करते हुए एरिक पेरेट्ज़ की बड़ी बेटी यारिट पेरेट्ज़ ने कहा कि, मेरे पिता वास्तव में खुश थे, और सब कुछ ठीक था. यारिट के अनुसार, वर्षों से उसके पिता इन पार्टियों में जाते और रूथ को भी इनमें खूब अच्छा लगता था और वो इन पार्टियों को पसंद करती थी इसलिए उसे भी वो हर बार अपने साथ ले जाते थे. यारिट ने बताया कि कई बार ऐसा हुआ जब रूथ को इन पार्टियों में इतना अच्छा लगा कि वो वहां से वापस ही नहीं आना चाहती थी.
यारीट पेरेट्ज़ ने कहा कि उसने आखिरी बार अपने पिता से 7 अक्टूबर की सुबह फोन पर बात की थी. दोनों के बीच जो बातें हुईं थीं उनमें उनके पिता की बेचैनी को आसानी से समझा जा सकता था. यारीट के पिता डरे हुए थे और क्योंकि सब लोग इधर उधर भाग रहे थे उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि वो क्या करें.
यारीट के अनुसार वो विशेष रूप से अपनी बहन रूथ के जीवित रहने के बारे में चिंतित थी, जिसे पेट भरने और अन्य चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी. रूथ पर बात करते हुए यारीट ने बताया कि वो केवल कुछ ही शब्दों को बोल पाती थी. यारीट का मानना था कि जैसी रूथ की स्थिति है शायद ही वो गाज़ा में जिन्दा रह पाए.

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