
13 हजार फीट की ऊंचाई से 200 KM/घंटे की रफ्तार से जमीन पर गिरी महिला! फिर हुआ चमत्कार
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महिला ने करीब साढ़े 13 हजार फीट की ऊंचाई से गिरने के बाद भी मौत को मात दे दी. इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी महिला चमत्कारिक रूप से जिंदा बच गई.
एक महिला ने करीब साढ़े 13 हजार फीट की ऊंचाई से गिरने के बाद भी मौत को मात दे दी. इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी चमत्कारिक रूप से जिंदा बची इस 35 वर्षीय महिला का नाम जॉर्डन हाटमाकेर (Jordan Hatmaker) है. जॉर्डन वर्जीनिया की रहने वाली हैं और एक स्काईडाइवर हैं.
'द सन' के मुताबिक, महीने भर अस्पताल में भर्ती रहने के बाद अब वो फिर से स्काईडाइविंग के लिए तैयार हैं. हाल ही में उन्होंने अपने साथ हुए इस हादसे के बारे में बताया है. जॉर्डन कहती हैं कि ये सबकुछ सिर्फ 30 सेकेंड के अंदर हुआ था. वो करीब साढ़े 13 हजार फीट की ऊंचाई से नीचे कूदी थी.
लेकिन जैसे ही उन्होंने पैराशूट खोलना चाहा तो पता चला कि पैराशूट उनके पैरों में उलझ गया है. इसके बाद वो करीब 200 किमी/घंटे की स्पीड से जमीन की तरफ गिरने लगीं. चंद सेकेंड में जॉर्डन आसमान से नीचे गिरीं और दर्द से कराहने लगी. उन्हें यकीन था कि अब वो जिंदा नहीं बचेंगी. लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था.
बकौल जॉर्डन जमीन पर गिरते ही उनका पैर टूट गया, एड़ियां भी डैमेज हो गईं. उनकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गई थी. वो कहती हैं कि मेरी बॉडी का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा होगा, जो डैमेज ना हुआ हो. लेकिन इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी वो होश में थीं और उस दर्द को महसूस कर रही थीं.
इस हादसे के बाद जॉर्डन करीब 25 दिन अस्पताल में रहीं. उन्हें वापस अपने पैरों पर चलने में तीन महीने का समय लगा. फिलहाल वो ठीक हैं और पूरी तरह रिकवर होने का इंतजार कर रही हैं. जॉर्डन कहती हैं कि स्काईडाइविंग उनका सपना है और वो इसको नहीं छोड़ सकती. जल्द ही वो फिर से आसमान से छलांग लगाना चाहती हैं.

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