
12 सैनिकों की मौत से बौखलाया तुर्की, इराक-सीरिया में किए हवाई हमले, 16 कुर्द अलगाववादी मारे गए
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पीकेके, जिसे तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा एक आतंकवादी समूह नामित किया गया था, ने 1984 में तुर्की राज्य के खिलाफ हथियार उठाए थे. तुर्की नियमित रूप से पड़ोसी इराक में पीकेके आतंकवादियों को निशाना बनाकर हवाई हमले करता रहता है.
उत्तरी इराक में गत दो दिनों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हुए अलग-अलग हमलों में तुर्की के कम से कम 12 सैनिक मारे गए हैं. तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. तुर्की इराकी मिलिशिया संगठन कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के खिलाफ दशकों से युद्ध लड़ रहा है. उसने गत 25 वर्षों में उत्तरी इराक में कई दर्जन सैन्य चौकियां बनाई हैं और उनका संचालन करता आ रहा है.
तुर्की और उसके कई पश्चिमी सहयोगियों ने कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है. यह संगठन तुर्की और यूरोप के कई देशों के ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने उत्तरी इराक और सीरिया में आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का आह्वान किया है. इसके बाद तुर्की की वायुसेना ने रविवार को इराक और सीरिया के कई इलाकों में बम बरसाए.
एर्दोगन ने किया जवाबी कार्रवाई का आह्वान एर्दोगन ने कहा, 'हमारे सैनिकों का खून बर्बाद नहीं हुआ है. अलगाववादी खलनायकों से उनके बहाए खून का हिसाब लिया जाएगा. जब तक अंतिम आतंकवादी का सफाया नहीं हो जाता हम नहीं रुकेंगे. हम आतंकवाद के जड़ पर प्रहार करने की अपनी रणनीति पर अडिग हैं. आतंकवादियों के खात्मे तक प्रतिशोध जारी रखेंगे'. अंकारा ने शुरुआत में शनिवार को 6 सैनिकों की मौत की सूचना दी थी, जो आतंकवादियों के साथ झड़प में शहीद हो गए.
बाद में अंकारा ने घोषणा की कि एक अन्य हमले में उत्तरी इराक में 6 और सैनिक मारे गए. इस नुकसान के लिए तुर्की ने पीकेके को जिम्मेदार ठहराया. तुर्कीश अधिकारियों ने कहा कि हमारी जवाबी सैन्य कार्रवाई जारी है, जिसमें एयर स्ट्राइक भी शामिल है. तुर्की मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक हाकुर्क और जैप के पास पीकेके के ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले हुए हैं.
तुर्की ने 16 कुर्द अलगाववादियों को मार गिराया
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने पीकेके के ठिकानों पर कार्रवाई की और कम से कम 16 पीकेके आतंकवादियों को मार गिराया. अक्टूबर में, एर्दोगन ने इराक और सीरिया में आतंकवादी ठिकानों पर अपने हमले जारी रखने की कसम खाई थी. पीकेके ने 1 अक्टूबर को अंकारा में एक आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसमें दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे.

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