
12 साल की उम्र में कैंसर हुआ, जीने के लिए बचा था बस एक साल... मनाया 30वां बर्थडे, क्या है माजरा?
AajTak
इस शख्स का कहना है कि उसे महज 12 साल की उम्र में खुद को कैंसर होने का पता चला था. तब डॉक्टरों ने उससे कहा कि उसके पास जीने के लिए केवल एक साल का वक्त है. मगर अब वह बिलकुल ठीक है.
ये शख्स महज 12 साल की उम्र में कैंसर से पीड़ित हो गया था. तब इसे डॉक्टरों ने कहा कि वह केवल एक साल तक ही जीवित रह पाएगा और 13 साल का होने तक उसकी मौत हो जाएगी. मगर अब इसी शख्स ने अपना 30वां जन्मदिन मनाया है. जबकि इसे अभी तक ये सुनने को नहीं मिला है कि वो कैंसर मुक्त है. ये कहानी है अमेरिका के टेनेसी में रहने वाले दो बच्चों के पिता की. उसे 2005 में ब्रेन ट्यूमर हुआ था. अब उसने 18 साल की अपनी ये कहानी बताई है.
उसने बताया कि इस दौरान उसकी शादी हुई, दो बच्चे हुए और अस्पताल में नौकरी भी मिली. वो भी उसी अस्पताल में जहां उसे अपने कैंसर होने का पता चला था. मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, शख्स ने अपनी पहचान नहीं बताई है. उसने कहा कि उसे पाइलोमेक्सॉइड एस्ट्रोसाइटोमा है. जिसमें बचने के चांस कम होते हैं. ये छोटे बच्चों को अपना शिकार बनाता है.
शख्स ने अपना यूजरनेम silentwalrus92 बताया है. उसने अपनी कहानी रेडिट पर बताई और कहा कि सबसे पहले उसे उलटियां हुई थीं. तब डॉक्टरों को लगा कि पेट में कीड़े होने की वजह से ऐसा हो रहा है. लेकिन जब स्थिति खराब होती गई, तो पैरेंट्स इमरजेंसी डिपार्टमेंट में ले गए. जहां जांच करने पर ब्रेन ट्यूमर का पता चला.
कमजोर हो गई है याददाश्त
तब शख्स की सर्जरी हुई और जितना संभव हो सका उतना ट्यूमर निकाया गया. इसके बाद रेडिएशन थैरेपी दी गई. इलाज के बाद याददाश्त कमजोर हो गई थी. वो लोगों के नाम, भोजन खाना और कई काम करके भी भूल जाता था. जब बचपन में लगा कि अंत करीब है, तो एक फाउंडेशन ने पूरे परिवार के लिए छुट्टियां मनाने का इंतजाम किया. हालांकि अभी वह एकदम ठीक है.
शख्स का दावा है कि उसका कैंसर काफी दुर्लभ है. उसने कहा, ' डॉक्टरों को कतई उम्मीद नहीं थी कि मेरी सर्जरी और इलाज इतने सफल होंगे. अस्पताल ने मेरे ट्यूमर को अध्ययन के लिए भेज दिया है. वो हर साल लगातार एमआरआई स्कैन करते हैं.'

टाटा मोटर्स ने अपनी नई और अफोर्डेबल ऑल व्हील ड्राइव कार लॉन्च कर दी है. कंपनी ने टाटा हैरियर ईवी का क्वाड व्हील ड्राइव वाला सस्ता वेरिएंट लॉन्च किया है. पहले ये फीचर सिर्फ टॉप वेरिएंट में मिलता था. अब कंपनी ने इसे सेकंड टॉप वेरिएंट में जोड़ा है, जो पिछले वर्जन के मुकाबले 2.5 लाख रुपये कम कीमत पर मिलेगा. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

भारत सरकार की एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) ने बताया है कि ऐपल के डिवाइस में कुछ वल्नरेबिलिटीज (कमजोरियों) को डिटेक्ट किया है. इनकी मदद से हैकर्स आपके डिवाइस को निशाना बना सकते हैं. एडवाइजरी में iOS के नाम दिये हैं और बचाव का भी तरीका बताया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.











