
होर्मुज बंद, दुनिया बेहाल… क्या यही है ट्रंप का गेम प्लान? 'सबसे बड़ी बमबारी' के बाद खत्म होगी ईरान की जंग
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फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद रणनीतिक और आर्थिक रूप से अहम माना जाता है. देश के ज्यादातर तेल निर्यात इसी द्वीप से होते हैं. हाल ही में अमेरिका ने यहां सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बमबारी की. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या खार्ग आइलैंड पर दबाव बनाकर अमेरिका ईरान को घुटनों पर लाने की रणनीति अपना रहा है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में जंग शुरू होने के बाद कई मौकों पर अपने बयानों में बदलाव करते नजर आए हैं. लेकिन वह अपने एक बयान पर लगातार अडिग हैं. वह लगभग अपने हर बयान में एक लाइन जरूर जोड़ते हैं कि ईरान में ऐसी बमबारी की जाएगी, जो कभी नहीं भूली जाएगी. इस बीच समंदर के सहारे चलने वाली दुनिया में आर्थिक तनाव पैदा हो रहा है. तेल-गैस से लेकर खान-पान की चीजें भी महंगी हो रही हैं. इसकी एक ही वजह है मिडिल ईस्ट का वो चोक पॉइंट, जिससे लगभग पूरी दुनिया की सांस चलती है - स्ट्रेट ऑफ होर्मुज.
ईरान ने इसे बंद कर दिया है, और यहीं से लागू होता है ट्रंप का "कभी नहीं भूलने वाली बमबारी" का प्लान. आइए समझते हैं कि ईरान की जंग आखिर कैसे खत्म हो सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड जॉन ट्रंप - यानी DJT - फरवरी महीने तक एक पीसमेकर की भूमिका में थे. वह आठ जंगें खत्म करने का दावा कर चुके हैं. ट्रंप इस दावे के साथ सत्ता में आए थे कि वह अमेरिका को दुनियाभर की जंगों से बाहर निकालेंगे और अमेरिका को ग्रेट बनाएंगे.
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लेकिन जिस तरह सीमाओं का विस्तार किया जाता है, उसी तरह ट्रंप ने अपने इस आइडिया का भी विस्तार कर लिया और वह वेनेजुएला से लेकर ईरान तक को ग्रेट बनाने में जुट गए. ईरान में इजरायल के साथ मिलकर ट्रंप ने 28 फरवरी को हमला कर दिया. इस दौरान उन्होंने ऐसे कई बयान दिए, जिनमें वह कह चुके हैं कि ईरान के साथ जंग शुरू करने के लिए उन्होंने ही "इजरायल को मजबूर किया", या फिर शुरुआती हमले की "पूरी कमान" उनके ही हाथों में थी.
ट्रंप की जंग से दुनिया की अर्थव्यवस्था का हाल बेहाल
ट्रंप अपने आप को एक पीसमेकर के तौर पर देखते रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्हें यह भी महसूस होता रहा है कि वह ऐसे देश के राष्ट्रपति हैं जिसके पीछे पूरी दुनिया चलती है. टैरिफ से लेकर ट्रेड डील तक उनके कई फैसलों में इसकी झलक भी दिखाई देती है. डीजेटी के ऐसे कदमों से कई देशों के साथ अमेरिका के रिश्ते खराब भी हुए हैं. इसके बाद उन्होंने ईरान में जंग शुरू करके एक और बड़ा संकट पैदा कर दिया. इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. तेल और गैस की सप्लाई ठप पड़ने लगी है.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

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