
'हिंदू पैदा हुआ और हिंदू ही मरूंगा...', सद्गुरु के कार्यक्रम में शामिल होने पर कांग्रेस में उठे सवाल तो बोले डीके शिवकुमार
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अपने दौरे का बचाव करते हुए शिवकुमार ने अपनी आस्था को लेकर स्पष्ट कहा, 'मैं हिंदू के रूप में जन्मा था और हिंदू के रूप में मरूंगा.' डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, 'सद्गुरु कर्नाटक से हैं. वह कावेरी जल के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने आकर मुझे व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया. वह कुछ महान काम कर रहे हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायक और नेता वहां थे इसलिए, मैं वहां गया. यह मेरी व्यक्तिगत आस्था है.'
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार हाल ही में तमिलनाडु स्थित ईशा योग सेंटर में महाशिवरात्रि समारोह में शामिल हुए थे जिसे लेकर कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है. कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करने वालों के साथ शिवकुमार मंच कैसे साझा कर सकते हैं?
राजन्ना ने मीडिया से कहा, 'सद्गुरु ने खुद कहा था कि वह राहुल गांधी को नहीं जानते. है ना? शिवकुमार मुझसे बेहतर जानते हैं कि लोकसभा में हमारे नेता के बारे में क्या कहा जाता है. अब उन्हें ही जवाब देना चाहिए कि ऐसे लोगों के साथ मंच साझा करना कितना उचित है.'
'पार्टी को किया था सूचित'
हालांकि, पूर्व सांसद डी.के. सुरेश ने अपने भाई शिवकुमार का बचाव किया और कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी को सूचित करके ही ऐसे आयोजनों में भाग लिया है. सुरेश ने पत्रकारों से कहा, 'जब भी शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, उन्होंने पार्टी आलाकमान को पहले ही जानकारी दी. उन्होंने ईशा फाउंडेशन के महाशिवरात्रि कार्यक्रम में शामिल होने की सूचना भी पार्टी को दी थी.'
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिवकुमार की यात्रा गुप्त नहीं थी. उन्होंने बताया कि सद्गुरु ने स्वयं उन्हें कोयंबटूर में आमंत्रित किया था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया. शिवकुमार, जो कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, बुधवार को कोयंबटूर में भव्य महाशिवरात्रि समारोह में शामिल हुए, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे.
अपने बचाव में क्या बोले शिवकुमार?

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