
'हारकर भी सत्ता में रहना चाहते थे डोनाल्ड ट्रंप, रची आपराधिक साजिश', जांच रिपोर्ट में दावा
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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ 2020 के चुनाव नतीजों को पलटने की साजिश रचने के आरोपों की जांच स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ ही कर रहे थे. सीएनएन ने जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा- यह स्पष्ट है कि चुनाव हारने के बाद परिणामों को चुनौती देने के ट्रंप के कानूनी प्रयास विफल हो गए थे, तो उन्होंने सत्ता बरकरार रखने के लिए आपराधिक प्रयासों का सहारा लिया.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जो बाइडेन से 2020 का राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद सत्ता बरकरार रखने के लिए 'आपराधिक प्रयासों' में संलिप्त रहने के आरोप लगे हैं. ये आरोप अमेरिका के स्पेशल काउंसल (विशेष वकील) जैक स्मिथ ने लगाए हैं. मंगलवार को प्रकाशित 130 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट में, जैक स्मिथ ने बताया है कि कैसे ट्रंप ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव परिणामों को पलटने की कोशिश की और उन पर वोटों के कलेक्शन औरवेरिफिकेशन में बाधा डालने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया.
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ 2020 के चुनाव नतीजों को पलटने की साजिश रचने के आरोपों की जांच स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ ही कर रहे थे. सीएनएन ने जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा, 'यह स्पष्ट है कि चुनाव हारने के बाद परिणामों को चुनौती देने के ट्रंप के कानूनी प्रयास विफल हो गए थे, तो उन्होंने सत्ता बरकरार रखने के लिए आपराधिक प्रयासों का सहारा लिया.' यह रिपोर्ट तक आई है, जब डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं. उन्होंने पिछले साल 5 नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की अपनी प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस को हराया था.
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, 'चुनाव परिणामों को चुनौती देने के ट्रंप के आपराधिक प्रयासों में धोखाधड़ी और धोखाधड़ी के झूठे दावे शामिल थे. सबूतों से पता चलता है कि उन्होंने इन झूठों का इस्तेमाल अमेरिका की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने और के संघीय सरकार के कामकाज को प्रभावित करने के लिए एक हथियार के रूप में किया था.' जैक स्मिथ की रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि मुकदमे में ट्रंप को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत थे, लेकिन व्हाइट हाउस में उनकी वापसी ने इसे असंभव बना दिया.
अगस्त 2023 में, ट्रंप पर 2020 के चुनाव परिणामों को पलटने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की थीख् जिस कारण मामले में देरी हुई. अंततः सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने उनके खिलाफ मुकदमे को काफी हद तक सीमित कर दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने पहली बार माना कि पद पर रहते हुए पूर्व राष्ट्रपतियों को उनके कृत्यों के लिए आपराधिक मुकदमे से छूट प्राप्त है. डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था.
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