
हवाला, शेल कंपनी, तुर्की और चंद्रास्वामी... कौन है एहसान अली कौन? फर्जी दूतावास केस में आ रहा जिसका नाम
AajTak
एसटीफ से पूछताछ में हर्षवर्धन जैन ने बताया कि उसने यह सब कुछ चंद्रस्वामी के करीबी एहसान अली सैयद के कहने पर किया था. एहसान अली हैदराबाद का रहने वाला है और उसने तुर्की की नागरिकता भी ले रखी है.
गाजियाबाद के कविनगर में दो मंजिला कोठी से फर्जी दूतावास चलाने के आरोप में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय फर्जीवाड़े और हवाला रैकेट की परतें खोल दी हैं. यूपी एसटीएफ की जांच में जो नाम सबसे चौंकाने वाला निकला है, वह है एहसान अली सैयद का, जो हैदराबाद का मूल निवासी है और अब तुर्की की नागरिकता ले चुका है.
एहसान लंबे वक्त तक लंदन में रह चुका है और धोखाधड़ी की कई गतिविधियों में लिप्त रह चुका है. एहसान अली वही शख्स है जो विवादास्पद धर्मगुरु चंद्रास्वामी के बेहद करीबियों में गिना जाता रहा है. उसी के कहने पर हर्षवर्धन जैन ने विदेशों में दर्जनों शेल कंपनियां खड़ी कीं.
जांच में पता चला है कि इन कंपनियों को हवाला ट्रांजेक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े पैमाने पर आर्थिक फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किया गया. इनमें से कुछ फर्जी कंपनियों के नाम हैं:
यह भी पढ़ें: चीटिंग, दलाली और हवाला का रैकेट... फर्जी दूतावास वाले हर्षवर्धन जैन की ठग कंपनी ऐसे कर रही थी काम, जानें पूरी कहानी
25 मिलियन पाउंड की दलाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का फाइनल रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है. इस वर्ष लगभग 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की है ताकि नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो सके.











