
'हमास ने हमारे साथ अच्छा व्यवहार किया लेकिन...', किडनैप की गई इजरायली महिला ने बयां की दास्तां
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80 और 85 साल की दो इजरायली महिलाओं को मानवीय और सेहत के आधार पर छोडा गया है. हालांकि योचेवेद लिफशिट्ज और नुरित यित्जाक के पतियों को हमास ने अभी कैद में रखा है. कतर और मिस्र की मध्यस्थता के बाद दोनों को रिहा किया गया. इन महिलाओं को किबुल्त नीर ओज से अगवा किया गया था. इन्होंने मीडिया से बात करते हुए कैद के दौरान की दास्ता बयां की है.
इजरायल से जंग के बीच एक और राहत भरी खबर आई है. हमास ने मानवीय आधार पर और खराब सेहत को देखते हुए दो बुजुर्ग महिलाओं को रिहा कर दिया है. दोनों महिलाओं के चेहरे पर सुकून दिखा. रिहा करते हुए उनको एक एंबुलेंस में बैठाया गया.
80 और 85 साल की इन महिलाओं को मानवीय और सेहत के आधार पर छोडा गया है. हालांकि योचेवेद लिफशिट्ज और नुरित यित्जाक के पतियों को हमास ने अभी कैद में रखा है. कतर और मिस्र की मध्यस्थता के बाद दोनों को रिहा किया गया. इन महिलाओं को किबुल्त नीर ओज से अगवा किया गया था.
रिहा करने से पहले हमास के लड़ाके दोनों महिलाओं को खाना खिलाते देखे गए. इनके वापस आने से पहले एक महिला ने हमास के लड़ाके से हाथ भी मिलाया. दोनों महिलाएं तेल अवीव पहुंच गई हैं, जहां उनकी सेहत की जांच की गई.
'कैद के दौरान हुआ अच्छा व्यवहार'
इस बीच रिहा की गई महिला ने कहा कि 7 अक्टूबर को जब उसे गाजा में ले जाया गया तो हमास के लड़ाकों ने उस पर हमला किया था, लेकिन बाद में फिलिस्तीनी एन्क्लेव में दो हफ्ते की कैद के दौरान उनके साथ अच्छा व्यवहार किया गया.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 85 वर्षीय योचेवेद लिफ़शिट्ज ने कहा कि हमास के लड़ाके उन्हें सुरंगों में ले गए. इन सुरंगों की तुलना महिला ने मकड़ी के जाल से की. यहां उनके साथ अच्छा व्यवहार किया गया.

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