
'स्पेशल स्टेटस के क्राइटेरिया में बिहार फिट नहीं', JDU सांसद के सवाल पर संसद में बोले वित्त राज्य मंत्री
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बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने को लेकर सोमवार को जब संसद में जेडीयू के रामप्रीत मंडल ने सरकार से सवाल पूछा तो वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य स्पेशल स्टेट्स की क्राइटेरिया में बिहार में फिट नहीं है.
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग लंबे समय से उठती रही है. हाल के दिनों में NDA में शामिल कई सियासी दलों ने इस मांग का समर्थन किया था कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए. इसे लेकर सोमवार को जब संसद में जेडीयू के रामप्रीत मंडल ने सरकार से सवाल पूछा तो वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य स्पेशल स्टेटस की क्राइटेरिया में बिहार में फिट नहीं है.
रामप्रीत मंडल ने सवाल पूछा, 'क्या सरकार का आर्थिक विकास और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए बाहर राज्य और अन्य अत्यधिक पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य दर्जा प्रदान करने का विचार है?यदि है, तो इसका ब्यौरा दें.'
वित्त राज्य मंत्री का जवाब
इस सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, 'अतीत में राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) द्वारा कुछ राज्यों को योजना सहायता के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा दिया था जिनकी कई विशेषताएं थीं, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत थी. इन विशेषताओं में पहाड़ी और कठिन भू-भाग, कम जनसंख्या या जनजातीय आबादी का बड़ा हिस्सा, पड़ोसी देशों के साथ सीमाओं का रणनीतिक स्थान, आर्थिक और अवसंरचनात्मक पिछड़ापन तथा राज्य वित्त की अलाभकारी प्रकृति शामिल थी.'
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वित्त राज्य मंत्री ने कहा, 'पूर्व में विशेष श्रेणी के दर्जे के लिए बिहार के अनुरोध पर एक अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) द्वारा विचार किया गया था जिसने 2012 में रिपोर्ट सौंपी थी, आईएमजी ने यह निष्कर्ष निकाला था कि मौजूदा एनडीसी मानदंडों के आधार पर बिहार के लिए विशेष श्रेणी के दर्जे का मामला नहीं बनता है. '

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