
'स्त्री' फिल्म की तरह रात के अंधेरे में आ जाती है रहस्यमयी महिला! निकालती है रोने की आवाज, डोर बेल बजाकर बुलाती है बाहर
AajTak
राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर और पंकज त्रिपाठी स्टारर बॉलीवुड मूवी 'स्त्री' तो आपको जरूर याद होगी. इस फिल्म में रात के अंधेरे में एक स्त्री के डर से सन्नाटा पसर जाता था और लोग घरों में कैद हो जाते थे. उस स्त्री को भगाने के लिए लोगों ने अपने घरों के बाहर नारे 'ओ स्त्री कल आना...' तक लिख दिए थे. रील लाइफ की ऐसी ही कुछ एक घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रीयल सामने आई है
एक्टर राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर और पंकज त्रिपाठी स्टारर बॉलीवुड मूवी 'स्त्री' तो आपको जरूर याद होगी. इस फिल्म में रात के अंधेरे में एक स्त्री के डर से सन्नाटा पसर जाता था और लोग घरों में कैद हो जाते थे. उस स्त्री को भगाने के लिए लोगों ने अपने घरों के बाहर नारे 'ओ स्त्री कल आना...' तक लिख दिए थे. रीयल लाइफ में एक ऐसी घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आई है.
शहर के चंदन नगर में रात के अंधेरे में एक स्त्री लोगों के घरों के बाहर पहुंचकर रोने की आवाज निकलती है, तो कभी डोर बेल बजाकर लोगों को बाहर बुलाती है. दहशत में जी रहे लोगों ने इस बात की शिकायत पुलिस से भी की, लेकिन मामले का जब खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई.
दरअसल, पिछले कुछ दिन से सजी-धजी एक महिला ग्वालियर थाना इलाके के चंदन नगर में आधी रात के वक्त दिखाई दे रही थी. यह महिला रात के अंधेरे में चंदन नगर के घरों के बाहर पहुंचकर घर के दरवाजे पर लगी डोर बेल को बजती थी और घर के लोगों को बाहर बुलाती थी. कभी-कभी यह स्त्री रोने की आवाज भी निकालती थी.
इस स्त्री के बारे में जब लोगों को जानकारी लगी, तो लोग डोर बेल सुनने के बावजूद भी घरों से बाहर नहीं निकले, लेकिन यह रहस्यमयी स्त्री घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरा में जरूर कैद हो गई.
पुलिस को दिए CCTV फुटेज
लोगों को समझ में नहीं आ रहा था, कि आखिर इस रहस्यमयी स्त्री से वह कैसे बचें और आखिर यह स्त्री रात के अंधेरे में घर के दरवाजों के बाहर पहुंचकर डोर बेल क्यों बजाती है? दहशत के साए में जी रहे लोगों ने इस बात की सूचना पुलिस को दे दी. इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए. देखें, CCTV फुटेज:-

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








