
सेम सेक्स मैरिज को 34 देशों में मान्यता, 22 देशों में कानून, पाकिस्तान-अफगानिस्तान में मौत की सजा
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Same Sex Marriage को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. समलैंगिक विवाह को दुनिया के 34 देशों में मान्यता दी गई है. जबकि 22 देश ऐसे हैं, जहां बाकायदा कानून बनाया गया है. Pew Research के सर्वे में 24 देशों में 53% फीसदी वयस्क आबादी भी समलैंगिंक शादियों को कानूनी मान्यता देने का समर्थन करती है.
सेम सेक्स मैरिज की हिमायत करने वालों के लिए आज बहुत बड़ा दिन है. सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के संबंध में फैसला सुनाएगा. याचिकाकर्ताओं ने शादी को कानूनी मान्यता दिए जाने की मांग की है. हालांकि, दुनिया के 34 देशों में समलैंगिक विवाह को मान्यता दी गई है. इनमें 10 देशों में कोर्ट के जरिए फैसला आया है. 23 देश तो ऐसे हैं, जहां कानूनी तौर पर सेम सेक्स मैरिज को मान्यता मिली है.
बता दें कि सेम सेक्स मैरिज को कानूनी मान्यता देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज SC की पांच जजों की संविधान पीठ यह तय करेगी कि समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी जा सकती है या नहीं? 18 समलैंगिक जोड़ों की तरफ से कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका में विवाह की कानूनी और सोशल स्टेटस के साथ अपने रिलेशनशिप को मान्यता देने की मांग की थी. याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली बेंच में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल, एसआर भट्ट, हेमा कोहली और पीएस नरसिम्हा शामिल थे.
'देश की संस्कृति के खिलाफ है सेम सेक्स मैरिज'
हालांकि, केंद्र सरकार का तर्क है कि इस बारे में कोई भी कानून बनाने का विषय सरकार का है. सरकार का कहना है कि ये ना सिर्फ देश की सांस्कृतिक और नैतिक परंपरा के खिलाफ है बल्कि इसे मान्यता देने से पहले 28 कानूनों के 160 प्रावधानों में बदलाव करना होगा और पर्सनल लॉ से भी छेड़छाड़ करनी होगी.
'22 देशों में कानूनी तौर पर स्वीकृति'
बताते चलें कि साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने ही सेम सेक्स रिलेशनशिप को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाला फैसला दिया था. हालांकि, अभी तक समलैंगिक विवाह के लिए कानूनी दावा नहीं कर सकते हैं. दरअसल, IPC की धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता था. वहीं, दुनिया को देखा जाए तो 33 ऐसे देश हैं, जहां समलैंगिक विवाह को मान्यता दी गई है. इनमें करीब 10 देशों की कोर्ट ने सेम सेक्स मैरिज को मान्यता दी है. इसके अलावा, 22 देश ऐसे हैं, जहां कानून बनाकर स्वीकृति मिली है. साउथ अफ्रीका और ताइवान ने कोर्ट के आदेश से इसे वैध माना है.

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