
सेना प्रमुख नरवणे के बयान पर भड़का चीन, UP चुनावों से जोड़ा
AajTak
सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे के बयान पर भड़कते हुए चीन के ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ये भारत की एक चाल है. चीनी मीडिया ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव आ रहे हैं, ऐसे में भारत के कुछ कट्टरपंथी ताकतें की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्रों में हरकत हो सकती है, इसलिए भारत के पड़ोसी देशों को सतर्क करने की जरूरत है.
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स थल सेना दिवस पर दिए गए सेना प्रमुख मनोज नरवणे के बयानों पर भड़क गया है अखबार ने लिखा है कि नरवणे भारत की आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए चीन विरोधी रुख अपना रहे हैं. ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर अनर्गल बातें छापी हैं. ग्लोबल टाइम्स लिखता है कि CDS बिपिन रावत के निधन के बाद नरवणे को उनकी कुछ जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. रावत चीन विरोधी बयानबाजी करते रहते थे, इसलिए नरवणे भी उन्हीं के नक्शेकदम पर चल रहे हैं ताकि उनकी स्थिति मजबूत हो सके. #Opinion: Naravane’s anti-China rhetoric went against the 14th round of China-India military talks. Hard-line forces in India may carry out risky operations in border areas in 2022, deserving vigilance from neighbors such as China, Pakistan & Nepal. https://t.co/dbEc664ZFX

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.

अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.








